मध्य प्रदेश
युवा इंजीनियर आशुतोष शुक्ला ने बचाई रेहान मोमिन की जान
By Swadesh | Publish Date: 9/4/2019 1:24:22 PM
युवा इंजीनियर आशुतोष शुक्ला ने बचाई रेहान मोमिन की जान

छिंदवाड़ा। भारत के दुश्मन चाहे लाख हिंदू-मुस्लिम में बांटने की कोशिश करें, लेकिन देश के युवा किसी भी धर्म जाति का पक्षपात किये बिना एक-दूसरे की जान बचाने को हमेशा तत्पर रहते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण छिंदवाड़ा के युवा इंजीनियर आशुतोष शुक्ला ने पेश किया है। उन्होंने एक मुस्लिम परिवार के 7 वर्षीय बच्चे रेहान को बी नेगेटिव ब्लड देकर उसकी जान बचाई। 

बता दें कि नेगेटिव ब्लड बहुत कम लोगों में पाया जाता है और आशुतोष शुक्ला का ब्लड ग्रुप बी नेगेटिव है। परासिया के व्हाट्सएप ग्रुप पर खून का रिश्ता के सदस्य रिंकू चौरसिया के माध्यम से यह कार्य हो पाया। पिछले एक सप्ताह से परासिया का मोमिन परिवार बी नेगेटिव खून के लिए भटक रहा था। उनके 7 वर्षीय पुत्र रेहान को खून की आवश्यकता थी। उसका ऑपरेशन किया गया था, लेकिन उन्हें कोई भी बी नेगेटिव ब्लड डोनर नहीं मिल रहा था, क्योंकि नेगेटिव ब्लड बहुत कम पाया जाता है। 
 
मोमिन परिवार ने खून का रिश्ता ग्रुप के रिंकू चौरसिया से संपर्क साधा। रिंकू चौरसिया ने छिंदवाड़ा के आशुतोष शुक्ला से संपर्क स्थापित किया। खून का रिश्ता ग्रुप के सदस्य आशुतोष शुक्ला रक्तदान के लिए तैयार हुए। इतनी गर्मी और नवरात्रि के उपवास के दौरान आशुतोष शुक्ला ने सोमवार को देर शाम रक्तदान कर एक मिसाल पेश की। 
 
गौरतलब है कि शुक्ला पिछले 25 साल से रक्तदान कर रहे हैं। अब तक वह कम से कम 85 बार रक्तदान कर चुके हैं। आशुतोष शुक्ला एक तरह से युवाओं के प्रेरणा स्रोत बन चुके हैं। जो किसी भी पक्षपात के बिना अपनी जान की परवाह किए बिना सहजता से लोगों की मदद करते हैं और रक्तदान करते हैं।
 
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