मध्य प्रदेश
दिग्विजय ने सब्सिडी, समर्थन मूल्य, फसल बीमा को लेकर किया सरकार का घेराव
By Swadesh | Publish Date: 2/5/2019 1:23:31 PM
दिग्विजय ने सब्सिडी, समर्थन मूल्य, फसल बीमा को लेकर किया सरकार का घेराव

भोपाल। मध्यप्रदेश की भोपाल संसदीय सीट से कांग्रेस लोकसभा उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने अपने ‘दस दिन दस सवाल रोज’ कैंपेन के दूसरे दिन कृषि संबंधित मुद्दों को प्राथमिकता से उठाते हुए गुरुवार को भाजपा पर निशाना साधा है। दिग्विजय सिंह ने किसानों को सब्सिडी, समर्थन मूल्य, फसल बीमा योजना समेत कई मुद्दों को लेकर दस सवाल दागे हैं। 

दिग्विजय ने सरकार सेे सवाल करते हुए पूछा है: सीएसडीएस की रिपोर्ट ‘भारतीय किसानों की स्थिति -मार्च 2018’ कहती है कि सरकारी योजनाओं और नीतियों का लाभ उन बड़े किसानों को मिला, जिनके पास 10 एकड़ से ज्यादा जमीन है। छोटे किसानों को मात्र 10 प्रतिशत योजना और सब्सिडी का लाभ मिला। ऐसा क्यों ? #दस_दिन_दस_सवाल_रोज़’। 
 
समर्थन मूल्य पर सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि ‘भाजपा ने 2014 के घोषणा पत्र में वादा किया था कि किसानों को फसल लागत का 50 प्रतिशत अधिक समर्थन मूल्य देंगे। शपथ पत्र देकर न्यायालय में इसे वादे से मुकर क्यों गए? ए. स्वामीनाथन की सिफारिशें लागू करने से पीछे क्यों हटी सरकार?
 
कृषि मजदूरों और कृषक उत्पादक संगठनों की बात करते हुए दिग्विजय ने सवाल किया ‘बीते सात सालों में ग्रामीण मजदूरों की संख्या 10.9 करोड़ से घट कर 7.7 करोड़ रह गई। मोदी सरकार ने काम न पाने वाले 3.2 करोड़ कृषि मजदूरों के लिए कोई योजना क्यों नहीं बनाई? कृषक उत्पादक संगठनों और सहकारी समितियों के माध्यम से फसलों की खरीद, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा न दे कर बहुराष्ट्रीय कंपनियों को कृषि पर कब्जे करने के अवसर दिए गए। क्यों’? किसान कर्ज को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा ‘2018 में नाबार्ड की रिपोर्ट बताती है कि देश के 52 प्रतिशत से ज्यादा किसान कर्ज में डूबे हुए थे। हर किसान पर एक लाख रुपए से ज्यादा का कर्ज है। एनएसएसओ का कहना है कि किसानों पर 58.4 प्रतिशत संस्थागत कर्ज है, वहीं 41.6 प्रतिशत गैर संस्थागत कर्ज है। इन किसानों के लिए क्या किया गया’?
 
प्रधानमंत्री फसल बीमा पर सरकार का घेराव करते हुए उन्होंने कहा ‘भाजपा ने 2014 में संपूर्ण बीमा योजना का वादा किया था, पर बनाई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना। इसका लाभ किसानों के बजाय निजी कंपनियों को मिला। 
 
एक अन्य ट्वीट कर दिग्विजय ने कहा ‘मोदी सरकार की गलत नीतियों के कारण 2014 का कृषि उपज निर्यात 4300 करोड़ डॉलर से घटकर 2017 में 3300 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। अरहर, चना, गेहूं, चीनी, दूध पाउडर जैसी वस्तुओं के आयात से किसानों की फसलों के दाम गिर गए। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण बताता है कि देश के 40 फीसदी किसान खेती छोडऩा चाहते हैं। भाजपा सरकार बड़े किसानों का हित साधती रही, किसानों की जोत घटती गई।क्यों’? एनसीआरबी के अनुसार 2004 से 2016 में मध्य प्रदेश में 15 हजार से अधिक किसानों और खेतिहर मज़दूरों ने आत्महत्या की है। किसान कर्जमाफी और न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसे तमाम मुद्दों को लेकर आंदोलन करते रहे और सरकार से उन्हें गोलियां मिलीं। 
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