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अमित शाह के रोड शो और योगी की जनसभाओं ने बदली गोरखपुर की फिजा
By Swadesh | Publish Date: 18/5/2019 4:12:45 PM
अमित शाह के रोड शो और योगी की जनसभाओं ने बदली गोरखपुर की फिजा

गोरखपुर। गोरखपुर में चुनावी रण सज चुका है। सभी पक्षों द्वारा साम, दाम, दंड, भेद की चालें चुनाव जीतने के लिए चली जा रही हैं। ताबड़तोड़ रैलियों का आयोजन खत्म हो चुका है । आमजन चुनावी चर्चाओं में मशगूल है। आज से 15 दिन पहले  जंहा भाजपा और सपा बसपा गठबंधन  कांटे की लड़ाई दिख रही थी, चुनाव की तारीख (19 मई) नजदीक आते आते चुनावी फिजा बदल गयी है।

 
अमित शाह के रोड शो और योगी आदित्यनाथ की जनसभाओं ने गोरखपुर व् आस पास के जिलों में भाजपा को मजबूत स्थिति में ला दिया है। भाजपा ने अपनी पूरी ताकत चुनाव प्रचार में झोक दी । गुरुवार को रोड शो में अमित शाह और योगी आदित्यनाथ का क्रेज लोगो के सर चढ़कर बोल रहा था। सड़कों पर जितनी भीड़ थी वैसी  ही भीड़ सड़क के दोनों ओर घर व घरों की छतो पर देखने को मिली। सबसे अधिक क्रेज महिलाओ का नज़र आया, जो घरों की छतों, बरामदे, कमरों की खिड़कियों पर नज़र गड़ाए रोड शो को निहारती रहीं। भयंकर गर्मी के के बीच लोगो में रोड शो के प्रति खासा आकर्षण देखने मिला। 
 
चौतरफा उमड़ा जन सैलाब भाजपा की मजबूत स्थिति की ऒर  इंगित कर रहा था। गोरक्षपीठाधीश्वर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिनके चेहरे की मुस्कान रोड शो को लेकर उनकी मजबूत स्थिति  को बयां कर रही थी। अपनी परम्परागत सीट पर वापसी के लिए योगी ने ताबड़तोड़ जनसभाएं कीं, चुनाव प्रचार जोरों पर किया, कार्यकताओ में जोश भरा, बूथ स्तर तक की तैयारियों पर नज़र रखी, मानो योगी स्वयं चुनाव लड़ रहे हों।
 
उल्लेखनीय है कि योगी ने  2018 के उपचुनाव में गठबंधन उम्मीदवार और प्रतिद्वंदी रहे निषाद पार्टी के  सांसद प्रवीण निषाद को भी अपने पक्ष में करते हुए भाजपा में शामिल कराया। निषाद मतदाता गोरखपुर व आस पास की सीट पर निर्णायक  भूमिका में रहते है। हालांकि  जब योगी आदित्यनाथ स्वयं भाजपा के उम्मीदवार रहे, उस समय भी निषाद वर्ग के उम्मीदवार भी प्रतिद्वंदी के रूप में खड़े हुए, इसके बावजूद योगी  जीत  का परचम लहराते रहे। निषाद पार्टी इस बार भाजपा में शामिल है और इ प्रवीण निषाद अपने कार्यकताओं के साथ भाजपा उम्मीदवार रवि किशन के प्रचार में जुटे रहे । 
 
पूर्वांचल की समझ रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार  डॉ शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी के मुताबिक गठबंधन उम्मीदवार लड़ाई में है और कांग्रेस उम्मीदवार मधुसूदन तिवारी के आने से लड़ाई रोचक हुई है। हालांकि भाजपा मजबूत स्थिति में है। परिणाम का इंतजार करना ही उचित होगा, क्योंकि जीवन और राजनीति का आकलन समय संदर्भों व परिणाम आने के बाद ही हो सकता है।  
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