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ठगी में मोंटी चड्ढा के साथियों की भी हो सकती है गिरफ्तारी
By Swadesh | Publish Date: 15/6/2019 12:14:00 PM
ठगी में मोंटी चड्ढा के साथियों की भी हो सकती है गिरफ्तारी

नई दिल्ली। गाजियाबाद में फ्लैट एवं जमीन को लेकर धोखाधड़ी के मामले में आरोपित पोंटी चड्ढा के बिल्डर बेटे और वेब ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट मोंटी चड्ढा की कंपनी के दो करीबी लोगों को आर्थिक अपराध शाखा गिरफ्तार कर सकती है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार जांच में मोंटी के दो करीबियों की भूमिका शक के दायरे में है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने मोंटी से इस फर्जीवाड़ा के बारे में पूछताछ की, जिसमें उसने कुछ जानकारी पुलिस को दी। जबकि कुछ के बारे में कोर्ट में जानकारी देने की बात कही। फिलहाल जांच में जुटी पुलिस टीम ने इस फर्जीवाड़े से जुड़े दस्तावेजों और मोंटी करीबियों की भूमिका की जांच कर रही है।  

 
उक्त फर्जीवाड़ा मामले में कंपनी से जुड़े करीब सात मुख्य पदाधिकारियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत की गई थी। इसके बाद केस दर्ज कर जांच शुरू की गई और बुधवार रात पुलिस ने आईजीआई एयरपोर्ट से मोंटी को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर नोटिस भी जारी किया गया था। वहीं गिरफ्तारी के बाद कंपनी शिकायत करने वाले निवेशकों की रकम को लौटाने का वादा कर रही है। 

ऐसे हुआ खुलासा
प्रोजेक्ट में देरी होने के बाद भी निवेशकों को शुरुआत में किसी भी तरह का शक नहीं था लेकिन जब कंपनी ने नाम और उसका इलाका बदला तो लोगों को शक हुआ। इसके बाद लोगों ने कंपनी पर दबाव बनाना शुरू किया। हालांकि कंपनी की तरफ से कोई सुनवाई नहीं हुई तो परेशान होकर आखिरकार इस प्रोजेक्ट से जुड़े करीब 29 लोगों ने आर्थिक अपराध शाखा में शिकायत देकर केस दर्ज कराया। जांच में जुटी पुलिस टीम अब इन कंपनियों एवं फ्लैट से जुड़े अन्य दस्तावेज हासिल करने में जुटी है ताकि इस ठगी से जुड़े अन्य आरोपितों की भूमिका सामने आ सके। 
 
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार इस संबंध में पुलिस ने बीते वर्ष मोंटी और उसके चार साथियों सहित उप्पल चड़ढा हाईटेक डेवलपर्स के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोपितों की कंपनी ने गाजियाबाद में एक हाइटेक सिटी में सस्ते दर पर फ्लैट देने का अश्वासन दिया था। आरोपितों ने लोगों से कहा था कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 1500 एकड़ जमीन पर रोजउड एंक्लेव, सन्नीउड एंक्लेव, लाइमउड एंक्लेव और क्रिस्टलउड एंक्लेव नाम के चार शहर बसाने वाले है। इस प्रोजेक्ट के नाम पर ही लोगों से ठगी की गई थी।  
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