देश
गुरू की नगरी की सुबह, हर कोई कर रहा था मृतकों के लिए अरदास
By Swadesh | Publish Date: 20/10/2018 10:45:57 AM
गुरू की नगरी की सुबह, हर कोई कर रहा था मृतकों के लिए अरदास

अमृतसर। गुरू की नगरी अमृतसर की सुबह देश के अन्य शहरों से अलग होती है। यहां लोग अल सुबह पौ फटते ही दरबार साहिब की तरफ जाते हैं लेकिन शनिवार की सुबह अन्य दिनों से अलग थी। अमृतसर शहर की सड़कें आज सूनी थीं और पार्कों में चलने वाले लाफ्टर क्लबों में कोई नहीं आया था।

 
जैसे-जैसे सुबह होती गई वैसे-वैसे लोग घटनास्थल की तरफ जाने शुरू हो गए। हर किसी की जुबान पर मृतकों की आत्मिक शांति के लिए अरदास थी। शहर के सबसे पॉश इलाका रणजीत एवेन्यू में रहने वाले सरदार वचित्र सिंह बताते हैं कि वह पिछले करीब 50 साल से यहां रह रहे हैं| इससे पहले उन्होंने कभी इस तरह का भयानक हादसा नहीं देखा।
 
अमृतसर शहर के गुरूद्वारा साहिबानों में आज सुबह ट्रेन हादसे के शिकार लोगों की आत्मिक शांति के लिए अरदास की गई|दरबार साहिब में कल से यहां पहुंचे विदेशी पर्यटकों ने इस हादसे की खबर के बारे में पता चलते ही अपनी संवेदनाएं प्रकट की। अमृतसर में भारी संख्या में रोजाना विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। शहर के विभिन्न होटलों में ठहरे विदेशी पर्यटकों को इस घटना के बारे में पता चल गया था। कई विदेशी पर्यटक आज सुबह घटनास्थल पर पहुंचे और मृतकों की आत्मिक शांति के लिए अरदास की।
COPYRIGHT @ 2018 SWADESH. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS