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आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाली
By Swadesh | Publish Date: 20/11/2018 11:45:44 AM
आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाली

नई दिल्ली। सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को जबरन छुट्टी पर भेजने के खिलाफ दायर याचिका पर मंगलवार को (आज) सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टाल दी है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने आलोक वर्मा का जवाब मीडिया में लीक होने पर नाराजगी जताई और मामले की सुनवाई टाल दी। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 29 नवम्बर को होगी। 

सुनवाई के दौरान चीस रंजन गोगोई ने कल सीवीसी रिपोर्ट पर जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग करने पर आलोक वर्मा के वकील फाली एस नरीमन को फटकार लगाई। तब फाली एस नरीमन ने कहा कि वकील गोपाल शंकरनारायणन ने बिना उनकी अथॉराइजेशन के चीफ जस्टिस की कोर्ट में मेंशन किया था। 
 
नरीमन ने कहा कि रविवार देर रात तक हमारे जूनियर ने जवाब तैयार किया लेकिन हमें आश्चर्य हुआ कि जवाब दाखिल करने के लिए और समय की मांग की गई। चीफ जस्टिस ने इस बात पर आपत्ति जताई कि आलोक वर्मा का जवाब लीक हुआ था। उन्होंने कहा कि आप में से कोई आज सुनवाई के योग्य नही है।
 
पिछले 19 नवम्बर को आलोक वर्मा ने सीवीसी की जांच रिपोर्ट पर अपना जवाब दाखिल किया था। 19 नवम्बर की सुबह आलोक वर्मा ने सीवीसी रिपोर्ट पर जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की थी। लेकिन कोर्ट ने उन्हें तीन घंटे का समय देते हुए कहा कि सुनवाई 20 नवम्बर को ही होगी। उसे टाला नहीं जाएगा। कोर्ट के इस निर्देश के बाद आलोक वर्मा ने अपना जवाब दाखिल किया था।
 
पिछले 16 नवम्बरको सुप्रीम कोर्ट ने सीवीसी की रिपोर्ट पर आलोक वर्मा को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। 
कोर्ट ने कहा था कि सीवीसी की रिपोर्ट पूरक है और ये मिली जुली है। इसलिए इस मामले में और जांच की जरूरत है। कोर्ट ने आलोक वर्मा को 19 नवम्बर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने आलोक वर्मा को सीलबंद लिफाफे में ही जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि सीवीसी रिपोर्ट और आलोक वर्मा का जवाब सीलबंद ही रखा जाए। ऐसा करना सीबीआई की छवि को बचाने के लिए जरूरी है। 
 
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा था कि सीवीसी ने अपनी रिपोर्ट दाखिल कर दी है। जस्टिस एके पटनायक ने भी अपनी रिपोर्ट दे दी है। चीफ जस्टिस ने आलोक वर्मा के वकील फाली एस नरीमन से कहा कि हम आपको सीवीसी रिपोर्ट की प्रति सीलबंद लिफाफे में दे सकते हैं। 
 
सुनवाई के दौरान राकेश अस्थाना की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए। चीफ जस्टिस ने रोहतगी की इस मांग को खारिज कर दिया।
 
सीवीसी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि हमें भी रिपोर्ट दी जाए। तब चीफ जस्टिस ने कहा था कि आप किसकी तरफ से पेश हुए हैं तो तुषार मेहता ने कहा कि सीवीसी की तरफ से। तब चीफ जस्टिस ने कहा था कि आपने रिपोर्ट तैयार की है और आपके पास ही रिपोर्ट नहीं है।
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