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ईडी ने जाकिर नाइक मामले में जब्त की 16.40 करोड़ की संपत्ति
By Swadesh | Publish Date: 19/1/2019 4:50:51 PM
ईडी ने जाकिर नाइक मामले में जब्त की 16.40 करोड़ की संपत्ति

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जाकिर नाइक से जुड़े मनी लांड्रिंग के मामले में मुंबई व पुणे में 16.40 करोड़ की संपत्ति आज शनिवार को जब्त की है। ईडी ने यह मामला एनआईए की ओर से अक्टूबर 2017 के दौरान दाखिल आरोप-पत्र के आधार पर दर्ज किया था। 

 
एनआईए के आरोप-पत्र में कहा गया था कि जाकिर नाइक ने जान-बूझकर हिन्दुओं, ईसाईयों व गैर वहाबी मुस्लिमों (खासकर शिया, सूफी व बरेलवी) के खिलाफ प्रचार किया। उक्त विचार को प्रचारित करने में नाइक की मदद इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन व मेसर्स हार्मनी मीडिया ने की। इस कार्य के लिए आरोपी को इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के माध्यम से फंड मुहैया करवाए गए। 
 
मनी लांड्रिंग के इस मामले में ईडी पूर्व में भी 34.09 करोड़ की संपत्ति जब्त कर चुकी है। मामले की जांच के दौरान यह भी पता चला कि नाइक को एनआरई बैंक के माध्यम से भी 49.20 करोड़ रुपये मिले। हालांकि ये पैसे नाइक के दुबई के खाते में डाले गए। इस पैसे को किसने जमा कराया, इसकी जानकारी अभी तक एजेंसी को नहीं मिल पाई है। 
 
जांच में यह भी जानकारी मिली है कि जाकिर नाइक ने उक्त फंड से बिल्डर सलीम कोडिया, एमके इंटरप्राइजेज के मालिक मुनाफ वैडगामा (मेसर्स आफिया रियल्टर का साझेदार), समीर खान (मेसर्स पैसिफिक ओरियंट जेनिसिस एसोसिएट्स एंड एंप), मौसा लकड़वाला ( मेसर्स लकड़वाला का साझीदार), यश एसोसिएट्स आदि कंपनियों के माध्यम से भी संपत्ति खरीदी। लेकिन राशि के श्रोत को छिपाने के लिए जाकिर के खाते से भुगतान किया गया। बाद में उसी राशि को उसकी पत्नी, बेटे व भतीजे के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। फिर इन्हीं के नाम से संपत्तियों की बुकिंग की गई। ईडी को यह जानकारी खातों की गहन जांच में मिली है।
 
इस मामले में अभी तक कुल 50.49 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। मामले में जांच जारी है। 
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