देश
अजीत डोभाल के बेटे की आपराधिक मानहानि की याचिका पर कोर्ट ने लिया संज्ञान
By Swadesh | Publish Date: 22/1/2019 4:16:19 PM
अजीत डोभाल के बेटे की आपराधिक मानहानि की याचिका पर कोर्ट ने लिया संज्ञान

नई दिल्ली। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बेटे विवेक डोभाल की कांग्रेस नेता जयराम रमेश और कारवां मैगजीन के खिलाफ आपराधिक मानहानि की याचिका पर संज्ञान ले लिया है। एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने विवेक डोभाल के वकील डीपी सिंह की दलीलें सुनने के बाद गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए तलब किया है। कोर्ट ने गवाहों की गवाही 30 जनवरी को दर्रे करने का आदेश दिया।

 
आज सुनवाई के दौरान विवेक डोभाल खुद कोर्ट में मौजूद रहे। विवेक डोभाल ने अपने वकील डीपी सिंह के जरिए कोर्ट से कहा कि कारवां मैगजीन ने अपने लेख में डी कंपनी का जिक्र किया है, जिसका मतलब दाऊद इब्राहिम गैंग होता है। डीपी सिंह ने कहा कि लेखक कौशल श्राफ ने छापने के पहले कोई पड़ताल नहीं की। इस लेख के जरिए हमारे परिवार को टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर परिवार को बदनाम करने की कोशिश नहीं की गई है तो क्यों आलेख में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के चित्र छापे गए हैं और डी कंपनी कहा गया है।
 
डीपी सिंह ने कहा कि लेख में जयराम रमेश के प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र है। जिसके बाद ट्विटर पर काफी चर्चा हुई। ये पूरे तरीके से बदनाम करने की कोशिश की गई।
 
याचिका में कहा गया है कि विवेक डोभाल और अमित शर्मा कैमरन आइलैंड नामक हेज फंड के डायरेक्टर हैं। याचिका में कहा गया है कि जयराम रमेश और कारवां मैगजीन ने उनके खिलाफ झूठे बयान दिए और छापे हैं। ये बयान उनके पिता अजीत डोभाल की छवि को धूमिल करने के लिए दिए गए। याचिका में कहा गया है कि जयराम रमेश ने अपने बयानों के जरिए उनकी और उनकी हेज फंड कंपनी के खिलाफ मनी लांड्रिंग के आरोप लगाए हैं। इन बयानों से उनकी वर्षों के मेहनत से अर्जित प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।
 
याचिका में कहा गया है कि कारवां मैगजीन ने अपने आलेख में उनकी कंपनी को डी कंपनी कहकर संबोधित किया है और उनकी और उनकी कंपनी को बदनाम करने की कोशिश की है।
 
COPYRIGHT @ 2018 SWADESH. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS