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महाराष्ट्र में चूके चेहरों के भरोसे कांग्रेस ने खेला दांव
By Swadesh | Publish Date: 14/3/2019 1:04:45 PM
महाराष्ट्र में चूके चेहरों के भरोसे कांग्रेस ने खेला दांव

मुंबई। महाराष्ट्र में हो रहे लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी व शिवसेना के बीच हुए चुनावी गठबंधन के बाद विपक्षी पार्टियों को उम्मीदवार तक नहीं मिल रहे हैं। यही वजह है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की दूसरी सूची में महाराष्ट्र के 5 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है। इनमें 4 पराजित उम्मीदवारों का समावेश है,जबकि पांचवें कांग्रेसी उम्मीदवार नाना पाटोले 2014 में भाजपा के टिकट पर ही सांसद बनने में सफल हुए थे। इस चुनाव में विपक्षी दलों का बिखराव भाजपा-शिवसेना गठबंधन को ताकतवर बना रहा है। 

 
कांग्रेस की दूसरी सूची में दक्षिण मुंबई से मिलिंद देवड़ा को उम्मीदवार बनाया गया है। भाजपा-शिवसेना गठबंधन में यह सीट शिवसेना के पास है। इस सीट पर 2014 में शिवसेना के अरविंद सावंत ने मिलिंद देवड़ा को 1 लाख 28 हजार 564 मतों से पराजित किया था। 2014 की स्थिति में यहां किसी भी तरह का बदलाव नहीं हुआ है। मिलिंद देवड़ा ने बताया कि इस बार लोग भाजपा व शिवसेना से नाराज हैं। भाजपा ने जो वादे किए थे, वे पूरे नहीं हो सके हैं। इसलिए इस बार जनता उन्हें ही मौका देगी। हालांकि भाजपा विधायक राज पुरोहित ने दावा किया है कि मिलिंद देवड़ा पिछले 5 साल तक जनता के बीच न होने से वह मतदाताओं से कट गए हैं। इसके विपरीत भाजपा व शिवसेना यहां आम जनता से जुड़ी रही है। इसलिए यहां फिर से भाजपा-शिवसेना गठबंधन का उम्मीदवार अरविंद सावंत ही चुनाव जीतेंगे। 
 
मुंबई की स्टार सीट मानी जाने वाली उत्तर-मध्य मुंबई संसदीय सीट पर कांग्रेस पार्टी ने पूर्व सांसद प्रिया दत्त में विश्वास व्यक्त किया है। इस सीट पर 2014 में भाजपा के कद्दावर नेता स्व. प्रमोद महाजन के बेटी पूनम महाजन ने प्रिया दत्त को 1 लाख 86 हजार मतों से पराजित किया था। यह सीट कांग्रेस की परंपरागत सीट मानी जाती थी। फिल्म अभिनेता सुनील दत्त की वजह से यह सीट कांग्रेस का गढ़ बन गई थी। लेकिन पूनम महाजन ने मोदी लहर में कांग्रेस की इस परंपरागत सीट को फतह कर लिया था। इस समय यहां भाजपा का वर्चस्व बढ़ गया है। कांग्रेस पार्टी ने फिर से प्रिया दत्त पर विश्वास व्यक्त किया है। कांग्रेस पार्टी के ही एक नेता ने कहा कि प्रिया दत्त यहां कमजोर साबित हो सकती हैं। इसका कारण 2014 में उनके कट्टर समर्थकों का भाजपा में शामिल होना है। भाजपा मुंबई अध्यक्ष आशीष शेलार ने यहां भाजपा का संगठन व बूथ स्तर तक विस्तार किया है। इसलिए अगर पूनम महाजन को फिर से टिकट मिलता है तो यहां भाजपा की जीत तय मानी जा रही है। 
 
कांग्रेस पार्टी ने सोलापुर (सुरक्षित) सीट के लिए फिर से पूर्व केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे को मैदान में उतारा है। सुशील कुमार शिंदे इस सीट पर 2014 में भाजपा उम्मीदवार शरद बंदसोड़े से 1 लाख 50 हजार मतों से पराजित हो गये थे। हालांकि 2009 में शिंदे ने इसी सीट पर शरद बंदसोड़े को 99 हजार 632 मतों से पराजित किया था। सोलापुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रैली कर चुके हैं। उन्होंने विकास की कई योजनाएं शुरु कराई हैं। सत्ता में न होने से यहां कांग्रेस पार्टी में बड़े पैमाने पर विखराव हुआ है। भारिप बहुजन महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने भी इस सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा की है। इसलिए सुशील कुमार शिंदे भी यहां चुनावी चक्रव्यूह में फंस गए हैं। 
 
गढ़चिरौली संसदीय सीट से कांग्रेस पार्टी ने नामदेव उसंडी पर दांव लगाया है। भारतीय जनता पार्टी के अशोक नेते ने 2014 में नामदेव उसंडी को एक लाख से ज्यादा मतों से पराजित किया था। यहां भी कांग्रेस में विखराव हुआ है, जबकि अशोक नेते ने यहां विकास के लिए कई योजनाएं शुरु कराया है। नागपुर में कांग्रेस पार्टी ने पूर्व सांसद नाना पाटोले को मैदान में उतारा है। लेकिन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कद के सामने नाना पाटोले कहीं नहीं ठहर पा रहे हैं। भारिप बहुजन महासंघ ने अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि नागपुर में नाना पाटोले के रुप में कांग्रेस ने कमजोर व डमी उम्मीदवार दिया है। इस सीट के लिए वह जल्द निर्णय लेने वाले हैं। 
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