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पहले भी कई हाई प्रोफाइल मामले सुलझा चुके हैं आईपीएस राजीव रंजन
By Swadesh | Publish Date: 24/4/2019 5:47:31 PM
पहले भी कई हाई प्रोफाइल मामले सुलझा चुके हैं आईपीएस राजीव रंजन

-चौरासी के दंगों की जांच के दौरान कांग्रेस नेता भगत को गिरफ्तार करने में भी नहीं चूके

-इंडियाज मोस्ट वांटेड के कर्ता-धर्ता सुहेब इलियासी को पहुंचा चुके हैं सलाखों के पीछे
-फूलन देवी हत्याकांड की गुत्थी महज चार घंटे में सुलझा दी थी

नई दिल्ली। बहुचर्चित रोहित शेखर हत्याकांड का महज सात दिन में खुलासा करने वाले दिल्ली पुलिस के तेजतर्रार अधिकारी राजीव रंजन इससे पहले भी कई अनसुलझे मामलों को सुलझा चुके हैं। एडिशनल पुलिस कमिश्नर (क्राइम) राजीव रंजन ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि स्वर्गीय नारायण दत्त तिवारी के जैविक पुत्र शेखर की हत्या उसकी पत्नी अपूर्वा शुक्ला ने की। क्राइम ब्रांच ने अर्पूवा को गिरफ्तार कर लिया है। 
 
राजीव रंजन ऐसे बेखौफ पुलिस अधिकारी हैं, जो कई मौकों पर सत्ता से सीधे टकरा चुके हैं। 1983 में हिंदी ऑनर्स से दिल्ली विश्वविद्यालय में टॉप करने वाले राजीव रंजन को दिल्ली में पहली पोस्टिंग 1990 में सहायक पुलिस आयुक्त (प्रोविजन एंड लाइंस) के पद पर मिली थी। 
 
1984 के सिख विरोधी दंगों की पेचीदा पड़ताल की चुनौती को स्वीकार करने वाले राजीव रंजन ने 24 जनवरी, 1996 को दबंग कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरिकिशन लाल भगत को गिरफ्तार कर सत्ता से सीधा बैर लिया। देश के इतिहास में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बाद भगत की गिरफ्तारी को दूसरी सनसनीखेज ‘पॉलिटिकल-अरेस्ट’ कहा जाता है। राजीव रंजन की इस पड़ताल का ही असर है कि चौरासी के दंगे में एक गुनहगार किशोरी लाल को फांसी की सजा हो चुकी है। यह अलग बात है कि अपीलों के दौरान और सजा भुगतने से पहले ही मुजरिम की मौत हो गई। 
 
1996 में राजीव रंजन को दिल्ली पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) में भेजा गया। यह अधिकारी आधी से ज्यादा दिल्ली में अवैध तरीके से बनाई गई आलीशान बहुमंजिला इमारतों पर बुलडोजर चलवाने में पीछे नहीं हटा। 
 
राजनीति और अपराध के काकटेल के सबसे घिनौने चेहरे रोमेश शर्मा को सलाखों के पीछे करने का श्रेय भी राजीव रंजन को जाता है। रोमेश शर्मा ने पूर्व सांसद एमके सुब्बा राव का दक्षिणी दिल्ली स्थित फार्म हाउस हड़प लिया था। वह अंडरवर्ल्ड डान दाऊद इब्राहिम का भारत में प्रमुख मोहरा रहा है। 
 
बहुचर्चित अंजू इलियासी हत्याकांड में राजीव रंजन की जांच ने पूरे केस की दिशा और दशा बदल दी। इस केस में अपने समय के सबसे लोकप्रिय टेलीविजन शो इंडियाज मोस्ट वाटेंड के कर्ता-धर्ता सुहेब इलियासी को जेल जाना पड़ा। यही नहीं पत्रकार शिवानी भटनागर हत्याकांड में हाईप्रोफाइल मुजरिम की गर्दन दबोची। 2000 में देश के सबसे बड़े ऑटो लिफ्टर गैंग को दबोचकर अहमदाबाद और मुंबई से 103 वाहन बरामद किए। पूर्व दस्यु सुंदरी से सांसद बनी फूलन देवी हत्याकांड का खुलासा 3-4 घंटे के अंदर करने के पीछे भी इसी पुलिस अफसर के दिमाग ने काम किया। 
 
सीलमपुर इलाके में शाम के वक्त बेकाबू भीड़ को तितर-बितर कराने के लिए गोली चलवाने में नहीं चूके। इस दौरान चार लोगों की मौत हो गई। 2008 में प्रधानमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया। 2014 में स्पेशल सेल में रहते हुए आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन यासीन भटकल ग्रुप के खूंखार आतंकवादी को गिरफ्तार कराया। नगालैंड के खपलान ग्रुप का बड़ा आतंकवादी भी राजीव रंजन के हाथों दबोचा गया। खूंखार अपराधी राजेश बाबरिया भी इन्हीं के हत्थे चढ़ा। 
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