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जंगल महल इलाके में बुलेट प्रूफ जैकेट पहनकर चुनावी ड्यूटी करेंगे जवान
By Swadesh | Publish Date: 10/5/2019 2:35:46 PM
जंगल महल इलाके में बुलेट प्रूफ जैकेट पहनकर चुनावी ड्यूटी करेंगे जवान

कोलकाता। आगामी 12 मई को पश्चिम बंगाल के आठ संसदीय सीटों पर छठे चरण का मतदान होना है। इसमें से मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया और बांकुड़ा का एक विस्तृत इलाका जंगलमहल कहलाता है। यह क्षेत्र एक दौर में माओवादियों के हिंसक गतिविधियों का गढ़ रहा है। इसे देखते हुए 12 मई रविवार को चुनावी ड्यूटी में तैनात होने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को बुलेट प्रूफ जैकेट पहनकर ड्यूटी करने का निर्देश दिया गया है। पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्वक मतदान सुनिश्चित कराने के लिए विशेष पुलिस पर्यवेक्षक के तौर पर नियुक्त किए गए आईपीएस विवेक दुबे ने यह निर्देश दिया है।

 
बताया गया है कि जंगलमहल के इलाके में जितने भी जवानों की ड्यूटी लगेगी उन सब के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही उन्हें विशेष तौर पर सतर्क रहने और इलाके में इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईडी) आदि लगाए जाने की आशंका के मद्देनजर मतदान से पूर्व पूरे इलाके में गहन जांच करने का भी निर्देश दिया गया है। इसमें राज्य पुलिस के सशस्त्र बलों की भी मदद ली जा रही है। शुक्रवार सुबह से ही पूरे इलाके में तलाशी अभियान और संदिग्धों की पहचान शुरू कर दी गई है। जंगलमहल इलाके में पहले से ही संदिग्ध माओवादी गतिविधि के मद्देनजर 40 कंपनी केंद्रीय बलों की तैनाती है इसके अलावा अतिरिक्त 74 कंपनी केंद्रीय बलों को यहां पहुंचाया गया है।
 
दरअसल एक मई को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में माओवादियों ने आईईडी विस्फोट किया था जिसमें सीआरपीएफ के 15 जवान शहीद हो गए थे। वैसे तो पश्चिम बंगाल का जंगलमहल इलाका 2013 में ही माओवाद पीड़ित क्षेत्र की सूची से बाहर निकल गया है लेकिन हाल के दौर में इन क्षेत्रों में माओवादियों के कुछ पोस्टर और संदिग्ध गतिविधियां देखी गई हैं। केंद्रीय और राज्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से इससे संबंधित अलर्ट जारी किया था। चुनाव का समय होने की वजह से इसे लेकर राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां और अधिक सतर्क हैं।
 
चुनाव आयोग क्षेत्र में शांतिपूर्वक मतदान संपन्न कराने के लिए सुरक्षा में किसी भी तरह की कोई भी चूक नहीं छोड़ना चाहता है इसीलिए राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी आरिज आफताब ने जिलाधिकारियों और प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ पहले ही बैठक कर ली है। क्योंकि 12 मई को देश के उप चुनाव आयुक्त सुदीप जैन कोलकाता में रहेंगे इसलिए आयोग अथवा राज्य प्रशासन सुरक्षा संबंधी तैयारियों में किसी तरह की कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता। मतदान से 48 घंटे पहले साइलेंट आवर शुरू हो जाने की वजह से शुक्रवार से व्यापक स्तर पर जंगलमहल क्षेत्रों में तलाशी अभियान की शुरुआत की गई है।
 
 विवेक दुबे ने बताया है कि किसी भी तरह की आपातकालीन परिस्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) और क्विक एक्शन टीम (क्यूएटी) का गठन किया गया है जो तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर कार्रवाई करने में सक्षम होगी। उन्होंने बताया कि जंगलमहल के प्रत्येक मतदान केंद्र में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती होगी। इसके लिए 114 कंपनी केंद्रीय बलों की तैनाती क्षेत्र में की जाएगी। छठे चरण 12 मई को तमलुक, कांथी, घटाल, झाड़ग्राम, मेदिनीपुर, बांकुड़ा और विष्णुपुर में वोट डाले जाएंगे।
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