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जाखड़ का पता होता तो चुनाव न ही लड़ते, परन्तु अब तो जीत कर ही जायेगे: धर्मेंद्र
By Swadesh | Publish Date: 11/5/2019 4:18:08 PM
जाखड़ का पता होता तो चुनाव न ही लड़ते, परन्तु अब तो जीत कर ही जायेगे: धर्मेंद्र

गुरदासपुर। गुरदासपुर से भाजपा  की टिकट से चुनाव लड़ रहे सन्नी देओल के अदाकार पिता धर्मेंद्र ने कहा है कि अगर उन्हें पहले पता होता कि उनके मुकाबले में जाखड़ परिवार का  सदस्य चुनाव लड़ रहा  है तो वे चुनाव लड़ने से इंकार कर देते , परन्तु अब तो उनका बेटा चुनाव में है और वे चुनाव जीतकर ही जायेगे। वर्ष 1991 में एक मित्र के रूप में फिल्म अदाकार धर्मेंद्र ने चौधरी बलराम जाखड़ के लिए सीकर ( राजस्थान) में चुनाव प्रचार किया था।  परन्तु अब गुरदासपुर में जाखड़ का बेटा सुनील जाखड़ और धर्मेंद्र का बेटा सन्नी देओल एक दुसरे के मुकाबले चुनाव लड़ रहे है। अपने बेटे के चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे धर्मेद्र ने पत्तरकारों से खुल कर अपने दिल की बातें की।

 
19 मई  को पंजाब में लोक सभा चुनाव के लिए होने वाले मतदान के लिए धर्मेंद्र एक दिन ही पहले सन्नी देओल के प्रचार के लिए आये है। पत्तरकारों से बातचीत में धर्मेंद्र ने कहा कि वे तो फ़िल्मी दुनिया के लोग है , सियासतदान नहीं है।  अतीत का जिक्र करते हुए धर्मेंद्र का कहां था कि भाजपा ने पहले भी उन्हें पटियाला से चुनाव लड़वाना चाहा, परन्तु जब उन्हें पता चला कि पटियाला से परनीत कौर चुनाव लड़ रही है तो उन्होंने परनीत के खिलाफ चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया था, क्योंकि परनीत उनकी बहन जैसी है , फिर उन्होंने लुधियाना से भी चुनाव लड़ने से इंकार किया।  बाद में उन्हें भाजपा राजस्थान से चौधरी बलराम जाखड़ के मुकाबले चुनाव लड़वाना चाहती थी, परन्तु उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि बलराम जाखड़ उनके बड़े भाई हैं। उनके सामने वह नहीं उतरेंगे। इसके बाद भाजपा ने उनको बीकानेर से उतारा। जबकि तब बलराम जाखड़ को कांग्रेस ने राजस्थान के चूरू लोक सभा से चुनाव मैदान में उतारा था। 
 
धर्मेद्र ने खुलासा किया कि उन्होंने बीकानेर से भाजपा की टिकट पर जीत तो प्राप्त की, परन्तु राजस्थान की तत्कालीन मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने बीकानेर  विकास कार्यों में उनकी मदद नहीं की, बल्कि मदद तो कांग्रेस के ही केंद्रीय मंत्री प्रिय रंजनदास मुंशी ने , शरद पवार ने की। उन्होंने कहा कि उन्हें तो एम् पी और एम् एल ए के मध्य अंतर् का  भी नहीं पता था। उन्होंने कहा कि न ही उन्हें और न ही सन्नी को राजनीती आती है , सन्नी भी नेक बंदा है , परन्तु वे लोगों को आश्वाशन देते है कि वे सेवा के लिए राजनीती में आये है और गुरदासपुर के लोगों से साथ ही खड़े होंगे। 
 
धर्मेद्र का कहना था कि वे गांव -गांव लोगों के पास जायेगे और कहेगे कि सन्नी की जीत, इस क्षेत्र के लोगों की जीत होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि सन्नी लोगों का छोटा भाई है , उसकी जीत के लिए आशीर्वाद दो। उनका कहना था कि पता नहीं पंजाब को क्या हो गया है, जिस किसी व्यक्ति को भी टी वी पर देखा है, रोते हुए ही देखा है, उन्हें इस बात से दर्द है। पंजाब और पंजाबी भाषा से प्यार का उन्होंने बार -बार जिक्र किया। 
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