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फिरकी में फंसकर ढाई दिन में हारी इंडीज, भारत की टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी जीत
By Swadesh | Publish Date: 6/10/2018 3:17:37 PM
फिरकी में फंसकर ढाई दिन में हारी इंडीज, भारत की टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ी जीत

राजकोट। टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को पारी और 272 रनों से मात देकर दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 से अजेय बढ़त बना ली है। भारतीय टीम ने राजकोट टेस्ट ढाई दिन में ही जीत लिया और 98।5 ओवरों के अंदर वेस्टइंडीज की दोनों पारियों को समेट दिया। यह भारत की टेस्ट क्रिकेट में अबतक की सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले भारत ने इसी साल जून में अफगानिस्तान को उनके ऐतिहासिक डेब्यू टेस्ट मैच में पारी और 262 रनों से मात दी थी और साल 2017 में श्रीलंका के खिलाफ पारी और 239 रन से जीत दर्ज की थी।
 
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी में 9 विकेट पर 649 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। इसके बाद रविचंद्रन अश्विन की घातक गेंदबाजी के सामने वेस्टइंडीज अपनी पहली पारी में 181 रन पर ढेर हो गई। पहली पारी के आधार पर भारत ने वेस्टइंडीज पर 468 रनों की बढ़त हासिल की। भारत ने वेस्टइंडीज को फॉलोऑन खेलने का मौका दिया। जिसके बाद दूसरी पारी में कुलदीप यादव के पंजे से वेस्टइंडीज ने महज 196 रन पर सरेंडर कर दिया। दूसरी पारी में भारत के लिए कुलदीप यादव ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 57 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। पहली पारी में सबसे ज्यादा चार विकेट लेने वाले रविचंद्रन अश्विन ने दूसरी पारी में दो विकेट लिए। रवींद्र जडेजा को तीन सफलता मिली।
 
वेस्टइंडीज के लिए दूसरी पारी में सलामी बल्लेबाज कीरोन पॉवेल ने सर्वाधिक 83 रन बनाए, जिसके लिए उन्होंने 93 गेंदों का सामना किया और आठ चौके तथा चार छक्के लगाए। वेस्टइंडीज के लिए पहली पारी में रोस्टन चेज ने 53 और कीमो पॉल ने 47 रन बनाए। दूसरी पारी में कुलदीप यादव ने 5 विकेट लेकर वेस्टइंडीज के मिडिल ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया। दूसरी पारी में कुलदीप यादव खतरनाक नजर आए। कुलदीप ने कीरोन पॉवेल, शाई होप, शिमरोन हेटमेयर, सुनील अंबरीश और रोस्टन चेस का शिकार कर टेस्ट में पहली बार अपने 5 विकेट पूरे किए। वेस्टइंडीज अपनी पहली पारी में 181 रन पर ऑल आउट हो गई। पहली पारी के आधार पर भारत ने वेस्टइंडीज पर 468 रनों की बढ़त हासिल की है। भारत ने वेस्टइंडीज को फॉलोऑन खेलने का मौका दिया है। कैरेबियाई पारी 48 ओवर में सिमट गई।
 
वेस्टइंडीज के लिए रोस्टन चेज (53) सर्वोच्च स्कोरर रहे। उनके अलावा कीमो पॉल ने 49 गेंदों पर सात चौके और दो छक्कों की मदद से 47 रनों की पारी खेली। भारत के लिए रविचंद्रन अश्विन ने चार विकेट अपने नाम किए। मोहम्मद शमी को दो सफलताएं मिलीं। उमेश यादव, रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव को एक-एक विकेट मिला। वेस्टइंडीज की ओर से कप्तान क्रेग ब्रेथवेट और कीरोन पॉवेल ने पारी की शुरुआत की। लेकिन तीसरे ही ओवर में मो। शमी ने ब्रेथवेट (2) को बोल्ड कर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद शमी ने कीरोन पॉवेल को भी एलबीडब्ल्यू कर वेस्टइंडीज को दूसरा झटका दे दिया। पॉवेल 1 रन बनाकर आउट हुए। आर। अश्विन ने शाई होप (10) को बोल्ड करते हुए भारत को तीसरी सफलता दिला दी। कुछ ही देर बाद शिमरन हेटमायर (10) रन आउट हो गए।
 
इसके बाद सुनील अंबरीश (12) को जडेजा ने शिकार बनाया। उन्हें रहाणे ने लपका जिसके साथ ही विंडीज की आधी टीम पवेलियन लौट गई। फिर शेन डॉवरिच (10) को कुलदीप यादव ने बोल्ड कर दिया। दूसरे दिन के नाबाद बल्लेबाज रोस्टन चेज (53) और कीमो पॉल (47) ने वेस्टइंडीज के स्कोरबोर्ड को चलाने का काम तीसरे दिन भी जारी रखा। दोनों खिलाड़ियों ने थोड़ी तेजी से रन बटोरे, लेकिन ज्यादा आगे नहीं जा पाए। अर्धशतक की ओर बढ़ रहे पॉल को उमेश यादव ने चेतेश्वर पुजार के हाथों कैच करा इस साझेदारी को तोड़ा। पॉल ने अपनी पारी में 49 गेंदें खेलीं जिन पर सात पर चौके और दो पर छक्के जड़े। उनका विकेट 147 के कुल स्कोर पर गिरा।
 
चेज अर्धशतक पूरा करने के कुछ देर बाद अश्विन की बेहतरीन गेंद पर बोल्ड हो गए। उन्होंने अपनी पारी में 79 गेंदों का सामना करते हुए आठ गेंदों को सीमा रेखा के पार पहुंचाया। चेज का विकेट 159 के कुल स्कोर पर गिरा। इसी स्कोर पर अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे शेमरन लुइस को अश्विन ने ही बोल्ड किया। अश्विन ने शेनन ग्रेबिएल (1) को आउट कर वेस्टइंडीज की पारी का अंत किया। टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी में 9 विकेट पर 649 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। टीम इंडिया की तरफ से ओपनिंग बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने 134 रन, कप्तान विराट कोहली ने 139 रन और रवींद्र जडेजा ने 100 रन बनाए। इसके अलावा ऋषभ पंत और चेतेश्वर पुजारा भी शतक के करीब पहुंचे। पंत ने 92 और पुजारा ने 86 रन बनाए।
 
पृथ्वी शॉ पदार्पण टेस्ट में शतक जड़ने वाले सबसे युवा भारतीय और चौथे सबसे युवा खिलाड़ी बने। पृथ्वी ने 99 गेंद में शतक पूरा किया। उन्होंने 154 गेंद में 19 चौकों की मदद से 134 रन बनाए। वेस्टइंडीज के लिए देवेंद्र बिशू ने सबसे अधिक चार विकेट लिए। शेरमन लेविस को दो सफलताएं मिली। शेनन गैब्रिएल, रोस्टन चेस और क्रेग ब्रैथवेट को एक-एक विकेट मिला। टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने खेल के टेस्ट फॉर्मेट में अपना पहला शतक जड़ दिया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने घरेलू मैदान पर जडेजा ने 132 गेंद पर नाबाद 100 रन बनाए। यह उनके टेस्ट और इंटरनेशनल करियर का पहला शतक है। 
 
जडेजा ने दिसंबर 2012 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। ग्यारहवें नंबर के बल्लेबाज मोहम्मद शमी के साथ खेलते हुए जडेजा ने चाय से ठीक पहले के ओवर में शतक पूरा किया। अपनी पारी में उन्होंने पांच चौके और पांच छक्के लगाए। जडेजा नौ बार 50 या उससे अधिक की पारी खेलने के बाद शतक बनाने में। इससे पहले जडेजा का सर्वाधिक स्‍कोर 90 रन था, जो उन्होंने मोहाली में इंग्‍लैंड के खिलाफ खेली थी। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी जडेजा का रिकॉर्ड बहुत शानदार है उनके नाम 3 तिहरे शतक हैं। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर का 24वां शतक जड़ दिया है। सबसे कम पारियों में 24 शतक जड़ने के मामले में कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के ग्रेग चैपल, पाकिस्तान के मोहम्मद यूसुफ और वेस्टइंडीज के दिग्गज सर विव रिचर्ड्स को भी पीछे छोड़ दिया है।
 
कोहली ने 123 पारियों में 24 टेस्ट शतक लगाए हैं। वर्ल्ड क्रिकेट में कोहली से आगे सिर्फ ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज डॉन ब्रैडमैन हैं। जिन्होंने 66 पारियों में 24 टेस्ट शतक जड़े हैं। पृथ्वी शॉ ने अपने डेब्यू टेस्ट मैच में ही शानदार शतक जड़ दिया है। वह डेब्यू टेस्ट में शतक लगाने वाले भारत के सबसे युवा बल्लेबाज हैं। पृथ्वी ने 99 गेंदों में अपना पहला टेस्ट शतक लगाया है। इसके अलावा पृथ्वी डेब्यू मैच में सबसे तेज शतक जड़ने वाले तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। पृथ्वी शॉ से आगे उनके हमवतन शिखर धवन और वेस्टइंडीज के ड्वेन स्मिथ हैं। टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही और महज 3 रन के कुल स्कोर पर लोकेश राहुल पवेलियन लौट गए। उन्हें शेनॉन गैब्रिएल ने एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। राहुल शून्य पर आउट हुए। पुजारा लुईस के ओवर में ऑफ साइड से बाहर की गेंद से छेड़छाड़ की कोशिश में विकेटकीपर शेन डॉउरिच को कैच दे बैठे और अपने घरेलू मैदान पर 16वां टेस्ट शतक जड़ने से चूक गए। पृथ्वी बिशू की गेंद पर इस लेग स्पिनर को वापस कैच दे बैठे। उन्होंने अपने आधे से अधिक रन बाउंड्री से बटोरे।
 
वेस्टइंडीज ने 80वें ओवर के बाद नई गेंद नहीं ली जिसका टीम को उस समय फायदा मिला जब चेज ने रहाणे को विकेटकीपर डॉउरिच के हाथों कैच करा दिया। रहाणे ने डीआरएस लिया लेकिन रीप्ले में दिखा कि गेंद उनके बल्ले के निचले हिस्से से टकराकर विकेटकीपर के दस्तानों में गई थी। पंत टीम के 470 के स्कोर पर देवेंद्र बिशू की गेंद पर कीमो पॉल के हाथों लपके गए। पंत ने अपनी 92 रन की पारी 84 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और चार छक्के लगाए। 534 के स्कोर पर शेरमन लेविस ने कोहली को बिशू के हाथों कैच आउट कराया। छठे विकेट के रूप में कोहली के आउट होने के बाद जडेजा का साथ देने आए रविचंद्रन अश्विन (7) को बिशू ने अधिक देर तक मैदान पर नहीं टिकने दिया। वह विकेट के पीछे खड़े शेन डॉवरिच के हाथों लपके गए। बिशू ने इसके बाद 571 के स्कोर पर कुलदीप यादव (12) को भी चलता किया।
 
जडेजा ने इसके बाद उमेश यादव (22) के साथ 55 रनों की अर्धशतकीय साझेदारी कर टीम को 626 के स्कोर तक पहुंचाया और इसी स्कोर पर कप्तान क्रैग ब्रैथवेट ने यादव को पवेलियन का रास्ता दिखाया। इसके बाद, जडेजा ने शमी के साथ 23 रन जोड़े और टीम को 649 के स्कोर तक पहुंचाया। इसी स्कोर के साथ भारत की पहली पारी घोषित कर दी गई। जडेजा ने 38वें मैच में अपने टेस्ट करियर का पहला शतक पूरा किया। 18 साल के पृथ्वी शॉ ने अपने डेब्यू टेस्ट मैच में ही शानदार अर्धशतक जड़ दिया है। वह डेब्यू टेस्ट में फिफ्टी लगाने वाले भारत के सबसे युवा बल्लेबाज हैं। पृथ्वी ने 56 गेंदों में अपना पहला टेस्ट अर्धशतक लगाया है। पृथ्वी शॉ टेस्ट में डेब्यू करते हुए सबसे कम उम्र में अर्धशतक जमाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड अब्बास अली बेग के नाम था, जिन्होंने 1959 में 20 साल 131 दिनों की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट में अर्धशतक बनाया था।
 
18 साल के पृथ्वी शॉ का यह डेब्यू मैच है। शॉ भारत की तरफ से टेस्ट कैप पहनने वाले 293वें खिलाडी हैं। शॉ 14 प्रथम श्रेणी मैच खेलने के बाद राष्ट्रीय टीम में आ रहे हैं। शॉ की कप्तानी में ही भारत ने इसी साल अंडर-19 विश्व कप का खिताब जीता था। शॉ ने पिछले साल इसी मैदान पर रणजी ट्रॉफी में पदार्पण किया था और शतक बनाया था। उन्हें इसी मैदान पर अंतरराष्ट्रीय  पदार्पण करने का मौका मिला है। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है और वेस्टइंडीज को गेंदबाजी दी है। इस सीरीज को आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे की तैयारी के तौर पर ही देखा जा रहा है। इस मैच में टीम इंडिया नए ओपनिंग कॉम्बिनेशन के साथ उतरी है। लोकेश राहुल के साथ पृथ्वी शॉ भारतीय पारी की शुरुआत करेंगे। 18 साल के पृथ्वी का यह डेब्यू मैच है। टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में अश्विन, जडेजा और कुलदीप के रूप में तीन स्पिनर शामिल हैं।
 
वेस्टइंडीज के नियमित कप्तान जेसन होल्डर टखने में चोट के कारण इस मैच में नहीं खेल रहे हैं। उनकी जगह क्रेग ब्रेथवेट टीम की कप्तानी कर रहे हैं। वेस्टइंडीज के लिए सुनील अंबरीश और शेरमन लुइस टेस्ट पदार्पण कर रहे है। भारत के खिलाफ भारत में वेस्टइंडीज टीम को टेस्ट मैच जीते हुए 24 साल हो गए हैं। वेस्टइंडीज टीम ने आखिरी बार भारत में 1994 में जीत दर्ज की थी। उस समय टीम ने मोहाली में 243 रनों से जीतकर 1-1 से सीरीज बराबर की थी। उस समय टीम में ब्रायन लारा, कॉर्टनी वॉल्श, कार्ल हूपर और जिम्मी एडम्स जैसे दिग्गज टीम में शामिल थे। उसके बाद से वेस्टइंडीज टीम ने भारत में 8 टेस्ट मैच खेले हैं। इसमें 6 मैचों में हार मिली है और दो मैच ड्रॉ रहे हैं। यह भारतीय सरजमीं पर किसी टीम का बिना कोई मैच जीते तीसरा सबसे ज्यादा लिया गया समय है। वेस्टइंडीज के अलावा न्यूजीलैंड और श्रीलंका दो ऐसी टीमें हैं जिसने भारतीय सरजमीं पर बिना टेस्ट मैच जीतने में ज्यादा समय लिया है। न्यूजीलैंड ने भारत में अपना आखिरी मैच 1988 और श्रीलंका ने 1982 में जीता था।
 
भारत : विराट कोहली (कप्तान), अंजिक्य रहाणे (उपकप्तान), केएल राहुल, पृथ्वी शॉ, चेतेश्वर पुजारा, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, कुलदीप यादव, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, उमेश यादव।
 
वेस्टइंडीज: क्रैग ब्रेथवेट (कप्तान), कीरोन पॉवेल, शाई होप, शिमरोन हेटमेयर, रोस्टन चेस, सुनील अंबरीश, शेन डॉवरिच (विकेटकीपर), कीमो पॉल, देवेंद्र बिशू, शेरमन लुइस, शेनॉन गैब्रिएल।
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