Top
undefined

खदान से मिटटी निकालने के दौरान हादसा, तीन लोगों की मौत, महिला घायल

खदान से मिटटी निकालने के दौरान हादसा, तीन लोगों की मौत, महिला घायल
X

बैतूल. गोंडीबडगी गांव से 2 किमी दूर मिट्टी की खदान है। खदान की पीली और सफेद मिट्टी का उपयोग आदिवासी परिवार के लोग घर की पुताई के लिए करते हैं। शुक्रवार दाेपहर हुई घटना में दाे महिलाओं सहित एक पुरुष की माैत हाे गई। वहीं एक महिला घायल है। घटना में मृत हुए लिंगू की तीन बेटियां हैं, उसकी मौत से बेटियों के सिर से पिता का साया छिन लिया। हादसे से कुछ घंटे पहले ही लिंगू मेहमानी करने आया थ।

मृतक लिंगू पिता मुन्ना धुर्वे (35) शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम टेमरा का निवासी है। वह शुक्रवार सुबह अपने साले गिरधारी की पत्नी जीरा बाई के साथ ग्राम गोंडीबगी में मामी के घर मेहमानी करने सुबह साढ़े नौ बजे पहुंचा था। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं घर को गोबर से लीपने के बाद किनारों में सफेद मिट्टी से पुताई करती हैं। इसलिए अधिकतर ग्रामीण बारिश लगने के पूर्व सफेद मिट्टी का संग्रह करके रखते हैं। ग्राम गोंडीबडगी के साथ ही आसपास के ग्राम सिल्लौट, लावन्या, नयेगांव, गोहची, साकादेही, सहित अन्य गांव के लोग मिट्टी ले जाने आते हैं।

गोंडीबडगी गांव मूलतः आदिवासी बाहुल्य है। यहां के लोग घर की पुताई के लिए सफेद मिट्टी का उपयोग करते हैं। शुक्रवार को भी गांव की कलवंती धुर्वे, फूसे मर्सकोले, संतरी बाई तथा लिंगू धुर्वे मिट्टी लेने के लिए खदान गए थे। बाहर की ओर मुरम थी और करीब दस फीट अंदर पीली मिट्टी निकल रही थी। इस कारण कलवंती, फूसे तथा लिंगू धुर्वे अंदर खुदाई करने चले गए, तभी हादसा हो गया।

इस घटना में शाहपुर ब्लॉक टेमरा गांव का युवक लिंगू धुर्वे की भी मौत हो गई। वह अपनी मामी के यहां पर शुक्रवार सुबह ही मेहमानी आया था। उसके साथ टेपरा निवासी जीरा बाई भी आई थी। जीरा बाई के साथ लिंगू भी खदान पर मिट्टी लाने के लिए गया था। इस बीच जीरा बाई खदान से दूर ही रहे और लिंगू अंदर खुदाई करने के लिए चला गया।

Next Story
Share it
Top