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म्यूचुअल फंड्स पर भी ले सकते हैं डिजिटल लोन

म्यूचुअल फंड्स पर भी ले सकते हैं डिजिटल लोन
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नई दिल्ली. म्यूचुअल फंड्स लंबे समय में बहुत बढ़िया रिटर्न तो देते ही हैं, ये वित्तीय संकट के दिनों में भी आपके लिए काफी मददगार हो सकते हैं। आप बैंकों से लोन लेने के लिए इन्हें गिरवी के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। वित्तीय मामलों के जानकारों के मुताबिक म्यूचुअल फंड पर लिए जाने वाले लोन को प्रतिभूति (सिक्युरिटी) पर लिए जाने वाले लोन की श्रेणी में रखा जाता है। ये लोन लेने का एक बढ़िया विकल्प है, लेकिन लोग इसका अधिक इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं।

पर्सनल लोन के मुकाबले कम ब्याज दर

शेयर या डेट आधारित म्यूचुअल फंड पर लिया जाने वाला लोन तेजी से मिलता है। इसके साथ ही इसकी ब्याज दर थोड़ी कम होती है। यह सालाना 11 फीसदी से 13 फीसदी के बीच होती है। जबकि पर्सनल लोन जैसे अनसिक्योर्ड लोन की ब्याज दर अधिकतर मामलों में 11-16 फीसदी के दायरे में होती है।

ओवरड्राफ्ट की तरह से काम करता है यह लोन

बैंक बाजार डॉट कॉम के सीईओ आधिल शेट्‌टी ने कहा कि म्यूचुअल फंड पर लोन लेने के लिए ग्राहक अपने म्यूचुअल फंड्स की यूनिट्स को बैंक के पास गिरवी रखता है। बैंक गिरवी रखे गए यूनिट्स पर लियन लगा देता है। यह लोन ओवरड्राफ्ट की तरह से काम करता है। कर्जधारक उतने ही लोन पर ब्याज चुकाता है, जितने का वह इस्तेमाल करता है। लोन चुकता करने के बाद बैंक लियन हटा लेता है। ग्राहक को अपने म्यूचुअल फंड्स की यूनिट्स पर फिर से अधिकार मिल जाता है।

कितना लोन मिल सकता है

इक्विटी आधारित फंड्स के मामले में बैंक नेट असेट वैल्यू के 50 फीसदी तक लोन दे सकते हैं। डेट फंड्स और फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लांस के मामले में एनएवी के 80 फीसदी तक लोन मिल सकता है। यह लोन राशि की न्यूनतम और अधिकतम सीमा पर भी निर्भर करेगा।

2018 से मिल रहा है म्यूचुअल फंड पर लोन

बहुत सारे बैंक और एनबीएफसी प्रतिभूतियों पर लोन ऑफर करते रहे हैं। एक अग्रणी निजी बैंक ने 2018 में म्यूचुअल फंड्स पर डिजिटल लोन देना शुरू किया। उस बैंक ने पूरी तरह बिना कागजी प्रक्रिया के यह लोन ऑफर किया। प्रक्रिया शुरू करने के लिए ग्राहक के पास उस बैंक में सिर्फ अपना एक खाता होना जरूरी है। फिलहाल यह लोन लोन लेने के लिए ग्राहक को सिंगल होल्डिंग वाले योग्य फोलियो को प्लेज करना होता है।

खास लाभ

म्यूचुअल फंड पर लोन लेने का एक लाभ यह है कि ग्राहक को विपरीत समय में अपनी प्रतिभूतियों को घाटे में बेचना नहीं पड़ता है। डिजिटल लोन तुरंत मिल सकता है। निवेश अपना निवेश जारी रख सकते हैं। इस दौरान म्यूचुअल फंड यदि कोई लाभांश देता है, तो वह लोन लेने वाले ग्राहक को मिलता रहता है।

शेट्‌टी ने कहा कि सभी म्चूचुअल फंड पर लोन नहीं मिलता है। इसलिए ग्राहकों को बैंक से पता कर लेना चाहिए कि उनके फंड पर उस बैंक से लोन मिल सकेगा या नहीं। आप प्रोफिट में आने पर अपने म्यूचुअल फंड्स की यूनिट्स को रिडीम भी कर सकते हैं। इससे आप की कर्ज लेने की जरूरत कम हो जाएगी। लोन लेने से पहले ग्राहक को प्रोसेसिंग शुल्क जैसे मुद्दों की भी जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए

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