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चाइना की कई कंपनियां दिवालिया और जब्त होने की कगार पर

चाइना की कई कंपनियां दिवालिया और जब्त होने की कगार पर
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मुंबई। साल 2008 में अमेरिका के लेहमन ब्रदर्स के धराशाई होने की घटना के 12 साल बाद फिर से दोहराने की आशंका है। इस बार यह कहीं और से नहीं, बल्कि कोरोना के जनक चीन से हो सकती है। महामंदी और इस तरह की आर्थिक दिक्कतें चीन के लिए इस समय बहुत ही खतरनाक स्तर पर पहुंच गई हैं। कुछ दिनों पहले ही यहां लोगों को बैंक से ज्यादा पैसा निकालने पर रोक लगा दी गई थी। अब स्थिति और खराब हो रही है।

बीमा कंपनियों पर मदद करने के लिए दबाव

बीजिंग ने अपने बैंकों और बीमा कंपनियों को इस समय एक तरह से शहीद कर दिया है। उनसे जरूरतमंदों को उधार देने, मुनाफे को छोड़ने और अपने ट्रिलियन डॉलर के शेयर बाजारों को मदद करने के लिए कहा है। चीन के लिए लेहमन ब्रदर्स की तरह एक और घटना काफी नजदीक दिख रही है। पिछले शुक्रवार को चीन के रेगुलेटर ने 9 परेशान कंपनियों का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। इनकी होल्डिंग अब तक टूमारो होल्डिंग कंपनी के पास थी। इनके मालिक अरबपति जिओ जियानहुआ थे।

इन कंपनियों की कुल संपत्ति 171.5 अरब डॉलर से अधिक है। यह चीन के हाल के इतिहास में सबसे बड़े सीजर में से एक है।

बीमा कंपनियां 2017 से परेशान हैं

जिओ को तीन साल पहले चीनी अधिकारियों द्वारा हांगकांग के फोर सीजन होटल से उठा लिया गया था। उसके बाद से ही वह जनता की नजरों से गायब हो गए हैं। यह आश्चर्य की बात है। बीमा कंपनियां 2017 के बाद से परेशान हैं। इसके बाद एक रिव्यू में पाया गया कि उनके कॉर्पोरेट गवर्नेंस स्कोर बिगड़ते जा रहे हैं। जब्त फर्मों में से एक हुआक्सिया लाइफ इंश्योरेंस कंपनी जैसी कंपनियां उन नीतियों को बेच रही थीं, जिन्होंने नियमों का उल्लंघन किया। साथ ही अनुचित तरीके से पॉलिसीधारकों की जानकारी का खुलासा किया।

कंपनियां फंडिंग सोर्स में हेराफेरी कर रही हैं

बीमा नियामक ने कहा कि यह अवैध और अनुचित तरीकों को ध्वस्त करने के लिए तय किया गया था। इसमें यह भी पाया गया कि कंपनियां फंडिंग सोर्स में हेराफेरी कर रही थीं और कई लोन के लिए एक ही परिसंपत्तियों का लाभ उठा रही थीं। यह अधिग्रहण Baoshang बैंक कंपनी की जब्ती के एक साल बाद हुआ है। तभी यह तय था कि प्रतिपक्ष और शोधन क्षमता जोखिम (counterparty and solvency risks) आ चुका है। नियामकों ने तब यह कहने की कोशिश की थी कि यह वन टाइम सॉल्यूशन्स है।

फिर भी हाल की घटनाएं इन मुद्दों की गंभीरता की ओर इशारा करते हैं। कभी भी यह घटनाएं लोन देने और लिक्विडिटी को बाधित कर सकती हैं।

बड़ी कंपनियों की असेट्स राइट डाउन हो सकती हैं

दरअसल भारी लिवरेज, कोरोना से असेट्स की मूल्य में गिरावट भी इन फर्मों के इक्विटी बुक मूल्य का सफाया कर सकता है। हुआक्सिया लाइफ ले को देख सकते हैं। पिछले दशक में, उत्पादों की आक्रामक बिक्री के माध्यम से यह चीन में चौथी सबसे बड़ी बीमा कंपनी बन गई है। इनकी 2019 के अंत में कुल संपत्ति 600 बिलियन युआन थी। बड़ी संपत्तियों के राइट डाउन की भी इसमें संभावना है।

चीन की वित्तीय मुसीबत भगोड़े व्यापारी की तरह है

साल के पहले तीन महीनों में, सीएलएसए लिमिटेड द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों से पता चलता है कि Huaxia लाइफ की बुक वैल्यू तिमाही आधार पर 23 प्रतिशत कम हो गया। क्योंकि इसके निवेश में मार्क-टू-मार्केट के कारण नुकसान हुआ। यह कोई आश्चर्य नहीं है कि बीमा कंपनी नियामकों के रडार पर है। फिर भी चीन की वित्तीय मुसीबत की कहानी एक भगोडे व्यापारी से आगे की है। यहाँ 1995 के बाद से केंद्रीय बैंक या अन्य एजेंसियों द्वारा केवल 12 फर्मों को जब्त किया गया है। कुछ बड़े ट्रस्ट कंपनियों के अधिकारियों की नजर में गिर गए हैं। वे अपने निवेशकों के मूलधन और ब्याज का भुगतान करने में हाल के महीनों में असमर्थ रहे हैं।

कुछ कंपनियां समाप्त हो सकती हैं

चीन के सबसे बड़े बीमाकर्ताओं और सिक्योरिटी हाउस में से कुछ वित्तीय फर्में ट्रस्ट के रूप में समाप्त होंगी। वे परेशान व्यवसायों को समेटने और असेट्स को बेचने के लिए जोर देंगे। इसे आप चाहे जो भी नाम दें यह चीन की वित्तीय परेशानी है। सवाल यह है कि अब कितने फर्म को उबारने की कोशिश होगी? कितना फंड इनको दिया जाएगा?

11 बीमा कंपनियां कठिन रास्ते पर चलने को मजबूर

सीएलएसए के अनुसार, चीन की 11 बीमा कंपनियां नियामकों के साथ एक कठिन रास्ते पर चलने को मजबूर हैं। औसतन, यदि उनकी असेट मूल्य 2019 में दिखाई गई तुलना में 2 से 5% कम था, तो उनके सरप्लस कैपिटल का सफाया हो गया होता। अगर बीजिंग कभी उन सबको बचाने की कोशिश करता है तो उसे भारी भरकम पैसा खर्च करना होगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो बीमा कंपनियों के पास संपत्ति डंप करने के सिवा कोई चारा नहीं होगा, जिससे बाजार को खतरा हो सकता है।

वित्तीय साम्राज्य की परेशानियों से नहीं निपट पाया चीन

अब तक, बीजिंग वित्तीय साम्राज्यों की परेशानियों से निपट नहीं पाया है। दो वर्ष पहले न्यूयॉर्क के वाल्डोर्फ एस्टोरिया, अंबैंग बीमा समूह कंपनी को जब्त कर लिया गया था। बीजींग के लिए ऐसा समय आ गया है कि वह मुश्किलों का सामना करे। अपने सभी भय को त्याग दे। हो सकता है इसमें कुछ कंपनियों को नुकसान भी हो, परंतु अगर वह ऐसा करने में कामयाब होता है तो निश्चित रूप से ही वह कुछ ऐसा काम कर पाएगा जो उसे वाकई में करना चाहिए।

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