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बढ़ते एनपीए ने बैंकिंग को नए तरीकों के लिए किया मजबूर, बैंक ऑफ बड़ौदा के लोन को वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत कर सकते हैं खत्म

बढ़ते एनपीए ने बैंकिंग को नए तरीकों के लिए किया मजबूर, बैंक ऑफ बड़ौदा के लोन को वन टाइम सेटलमेंट स्कीम के तहत कर सकते हैं खत्म
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मुंबई। कोविड-19 की वजह से आनेवाले समय में बैंकिंग इंडस्ट्री के बुरे फंसे कर्जों (एनपीए) में भारी वृद्धि की आशंका से बैंक अब सतर्क हो रहे हैं। इसी कड़ी में बैंक ऑफ बड़ौदा ने अब ग्राहकों के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम को लांच किया है। साथ ही उसने अपनी कानूनी टीम को मजबूत किया है ताकि कर्ज की रिकवरी में आसानी हो सके।

एसबीआई ने एडवांसेस अंडर कलेक्शन अकाउंट्स की शुरुआत की

बैंक ऑफ बड़ौदा ने अब तनाव वाले असेट्स मैनेजमेंट वर्टिकल का निर्माण किया है। साथ ही बैंक असेट इश्यू को डील करने के लिए विशेष विभागों की भी सेटिंग कर रहे हैं। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने इसी तरह का एडवांसेस अंडर कलेक्शन अकाउंट्स की सेटिंग की है। इस तरह से सभी बैंक अब एनपीए से निपटने के लिए तैयारी कर रहे हैं।

बॉब की एमएसएमई के लिए स्पेशल यूनिट

बैंक ऑफ बड़ौदा के तनाव वाले असेट मैनेजमेंट वर्टिकल में सभी बड़े और मीडियम साइज के एनपीए खातों को लाया जाएगा। यह स्पेशल यूनिट होगी। इसे स्ट्रेस्ड असेट्स रिकवरी ब्रांचेस (एसएआरबी) के नाम से जाना जाएगा। यह जोनल और रिजनल लेवल पर सेट की जाएगी। इन शाखाओं का नियंत्रण सीधे कॉर्पोरेट ऑफिस से होगा। बैंक ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा था कि एनपीए के बढ़ने से बैंक अपनी रणनीति को नए तरीके से लागू कर रहा है।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने 1,806 करोड़ का प्रोविजन किया

बता दें कि कोरोना के कारण ज्यादातर बैंक ने स्ट्रेस्ड असेट्स में वृद्धि देखी है। इससे एनपीए भी बढ़ रहा है। बैंक अपने प्रोविजन को सुधार रहे हैं और वे संभावित नुकसान को लेकर ज्यादा प्रोविजन कर रहे हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा ने प्रोविजन में 1,806 करोड़ रुपए बढ़ाया है। इसमें से जून तिमाही में 996 करोड़ रुपए का प्रोविजन रहा है। बैंक ने छोटे एनपीए वाले खातों के लिए सेक्टर के आधार पर वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) की सुविधा शुरू की है। एमसएमई सेक्टर के लिए बैंक ने इसे एमएसएमई ओटीएस नाम दिया है। यह सुविधा रिपेमेंट के लिए है।

किसानों के लिए भी सुविधा लांच

इसी तरह की सुविधा किसानों के लिए भी बैंक ने लांच की थी। वित्त वर्ष 2020 में बैंक ऑफ बड़ौदा ने ओटीएस स्कीम लक्ष्य 2 को लांच किया है। इसमें लक्ष्य 2 का मतलब एग्रीकल्चर, रिटेल और एमएसएमई सब शामिल हैं। बैंक ने इस स्कीम के तहत एनपीए की रिकवरी और अपग्रेड के तहत 1,296 करोड़ रुपए हासिल किया था। बैंक ने इसी के साथ एक लीगल वार रूम भी तैयार किया है। इसके जरिए बैंक रियल टाइम ट्रैकिंग रिकवरी की करेगा।

कॉल सेंटर को कई भाषाओं में लांच किया गया

बैंक 30 करोड़ रुपए से ज्यादा वाले खातों को रिजोल्यूशन रणनीति देगा। एसएमई ग्राहकों से समय पर कर्ज के कलेक्शन के लिए बैंक ने 500 सदस्यों वाले कॉल सेंटर को कई भाषाओं में स्थापित किया है। यह कॉल सेंटर जमीनी स्तर पर काम करेगा। बैंक ने 2,300 अधिकारियों को छोटे एनपीए और संभावित एनपीए की रिकवरी के लिए लगाया है। बैंकिंग करेस्पांडेंट्स (बीसी) को भी इस काम में लगाया गया है। अगर वे किसानों से फसल लोन की वसूली करते हैं तो उन्हें इंसेंटिव दिया जाएगा।

मोबाइल एप्लीकेशन पर कलेक्शन एजेंट काम करेंगे

बैंक इसी के साथ मोबाइल एप्लीकेशन विकसित कर रहा है जो कलेक्शन एजेंट के लिए होगा। इस एप्लीकेशन में सभी डाटा को रखा जाएगा और इसी के आधार पर लोन का कलेक्शन एजेंट को करना होगा। इसमें रिकवरी की पूरी जानकारी को भी अपडेट किया जाएगा। बैंक ऑफ बड़ौदा का एनपीए जून तिमाही में 9.4 प्रतिशत पर पहुंच गया है। एनबीएफसी में बैंक का कुल लोन एक लाख 2 हजार 538 करोड़ रुपए का रहा है।

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