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एसबीआई को पर्सनल गारंटी देकर फंसे अनिल अंबानी, अब चलेगा दिवालिया केस, आरकॉम के लिए लिया था कर्ज

एसबीआई को पर्सनल गारंटी देकर फंसे अनिल अंबानी, अब चलेगा दिवालिया केस, आरकॉम के लिए लिया था कर्ज
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नई दिल्ली। रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम) के चेयरमैन अनिल अंबानी की मुसीबतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। आरकॉम के लिए कर्ज लेने के मामले में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की मुंबई बेंच ने अनिल अंबानी के खिलाफ दिवालिया केस चलाने की मंजूरी दे दी है। अनिल अंबानी ने अपनी पर्सनल गारंटी पर आरकॉम के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) से करीब 1200 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था।

एसबीआई ने अगस्त 2016 में दी थी क्रेडिट सुविधा

जानकारी के मुताबिक, एसबीआई ने अनिल अंबानी के स्वामित्व वाले समूह रिलायंस एडीएजी ग्रुप की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन, रिलायंस टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को क्रेडिट सुविधा दी थी। इस क्रेडिट सुविधा के तहत एसबीआई ने 565 करोड़ और 635 करोड़ रुपए के दो लोन अगस्त 2016 में रिलायंस कम्युनिकेशन और रिलायंस टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को दिए थे। सितंबर 2016 में अनिल अंबानी ने इस क्रेडिट सुविधा के लिए पर्सनल गारंटी दी थी।

2017 में डिफॉल्ट हो गए थे लोन अकाउंट

जनवरी 2017 में आरकॉम और रिलायंस टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के लोन खाते डिफॉल्ट हो गए। इन दोनों खातों को अगस्त 2016 से ही डिफॉल्ट माना गया। जनवरी 2018 में एसबीआई ने अनिल अंबानी की पर्सनल गारंटी को रद्द कर दिया। एनसीएलटी ने ऑब्जर्व किया कि आरकॉम और रिलायंस टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड जनवरी 2017 तक रिपेमेंट में विफल रहे। बाद में इन दोनों खातों को पूर्व निर्धारित तिथि 26 अगस्त 2016 से नॉन परफॉर्मिंग असेट्स (एनपीए) घोषित कर दिया गया। यह प्रक्रिया लोन एग्रीमेंट के पूरे होने से पहले कर ली गई।

समाधान योजना को लेकर भी होनी है सुनवाई

एनसीएलटी की मुंबई बेंच में आज अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली संकटग्रस्त कंपनियों की समाधान योजना पर भी सुनवाई होनी है। कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) ने रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम), रिलायंस टेलीकॉम और रिलायंस इंफ्राटेल के लिए कुल 23 हजार करोड़ रुपए की समाधान योजना बनाई है। इसमें चीनी बैंकों को करीब 7 हजार करोड़ रुपए, अन्य विदेशी कर्जदाताओं को 2300 करोड़ रुपए और एसबीआई-इंडियन बैंक को 13 हजार करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव है।

अहमदाबाद एनसीएलटी में भी पेंडिंग है एक मामला

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग का एक मामला एनसीएलटी अहमदाबाद में पेंडिंग है। ट्रिब्यूनल ने उसके खिलाफ दिवालियापन की कार्यवाही की भी अनुमति दी है। वित्तीय लेनदारों ने 43,587 करोड़ रुपए का दावा किया है। हालांकि, रेजोल्यूशन प्रोफेशनल ने अब तक केवल 10,878 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी है। शेष दावे पेंडिंग हैं।

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