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टिकटॉक के बाद माइक्रोसॉफ्ट की नजर देसी ऐप शेयर चैट पर भी, कर सकती है 10 करोड़ डॉलर का निवेश

टिकटॉक के बाद माइक्रोसॉफ्ट की नजर देसी ऐप शेयर चैट पर भी, कर सकती है 10 करोड़ डॉलर का निवेश
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नई दिल्ली। अमेरिकी टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट जहां टिकटॉक को खरीदने को लेकर अंतिम चरण में बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ खबर है कि वह शेयर चैट में भी निवेश करेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन शेयर चैट में 10 करोड़ डॉलर (750 करोड़ रुपए के करीब) का निवेश कर सकती है। हालांकि, इस पर शेयर चैट ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।

वर्तमान निवेशकों से फंड इकट्ठा करने की कोशिश

इस समय शेयर चैट अपने वर्तमान निवेशकों से फंड इकट्टा करने में लगी हुई है। वह नए निवेशक के साथ हाथ मिलाने की जगह पुराने निवेशकों के साथ बातचीत में जुटी है। इससे पहले ट्विटर ने शेयर चैट में 100 मिलियन डॉलर (750 करोड़ रुपए) का निवेश किया था। उस समय कंपनी की कीमत 65 करोड़ डॉलर (करीब 48 हजार करोड़ रुपए) आंकी गई थी।

सूत्रों ने बताया कि बातचीत शुरुआती चरण में है और अगर यह डील होती है तो माइक्रोसॉफ्ट का निवेश 750 करोड़ रुपए होगा। यह निवेश शेयर चैट के लिए उसके कारोबार को बढ़ाने में मदद करेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि चाइनीज ऐप के बैन के बाद भारतीय ऐप के सामने कई चुनौतियां हैं।

यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 4 साल पुराना है

शेयर चैट 4 साल पुराना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है। कंपनी के पास मौजूदा समय में 15 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं वहीं 6 करोड़ से ज्यादा मासिक सक्रिय यूजर्स हैं। मौजूदा समय में यूजर्स रोजाना करीब 25 मिनट इस प्लेटफॉर्म पर बिताते हैं। यह ऐप 15 भाषाओं में उपलब्ध है। इसमें हिंदी, मलयालम, गुजराती, मराठी, पंजाबी, तेलुगु, तमिल, बंगाली, ओडिया, कन्नड़, असमिया, हरियाणवी, राजस्थानी, भोजपुरी और उर्दू शामिल हैं। शेयर चैट एंड्रायड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, जहां से डाउनलोड करके यूजर्स इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

शेयर चैट ने टिकटॉक की तरह लॉन्च किया है मोज

हाल ही में शेयर चैट ने टिकटॉक की तरह वीडियो शेयरिंग ऐप मोज (moj) को लॉन्च किया है। बता दें कि यह ऐप यूजर्स के लिए एक्टिव नहीं होने के पहले ही करीब 1 मिलियन से ज्यादा डाउनलोड कर लिया गया था। अभी तक इस ऐप को 4 हजार से ज्यादा रिव्यू मिल चुके हैं। शेयर चैट ने यह फैसला उस समय लिया था जब भारत सरकार ने टिकटॉक समेत 59 चाइनीज ऐप पर बैन लगाया था। मोज को टिकटॉक के विकल्प के तौर पर बनाया गया है।

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