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कमाई में एपल ने रचा इतिहास, बनी 150 लाख करोड़ रुपये की कंपनी

कमाई में एपल ने रचा इतिहास, बनी 150 लाख करोड़ रुपये की कंपनी
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नई दिल्ली। लग्जरी स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी एपल ने एक नया मुकाम हासिल किया है। कंपनी का मार्केट कैप पहली बार 2 ट्रिलियन डॉलर (करीब 150 लाख करोड़ रुपये) पहुंच गया है। इससे पहले कंपनी ने 2018 में 1 ट्रिलियन डॉलर (75 लाख करोड़ रुपये) का मार्केट कैप हासिल किया था। बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजार की स्टॉक एक्सचेंज नैसडैक पर एप्पल का शेयर अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी यह मुकाम हासिल करने वाली अमेरिका की पहली कंपनी है।

अन्य देशों की जीडीपी से एपल की वैल्यूएशन ज्यादा

बता दें कि एप्पल 12 दिसंबर 1980 को शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी और तब से अब तक कंपनी का शेयर 76000 फीसदी का रिटर्न दे चुका है। वहीं, अब बात करें तो मौजूदा समय में मार्किट कैप के लिहाज से एप्पल दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। यहीं नहीं कंपनी का मार्केट कैप अन्य देशों की जीडीपी जैसे रूस, ब्राजील, इटली, कनाडा, साउथ कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, मैक्सिको, तुर्की, ताइवान, UAE और नॉर्वे से ज्यादा हो गई है।

शेयर में तेजी

कंपनी ने दो साल पहले 1 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप हासिल किया था। यूएस स्टील ने 1901 में 1 बिलियन डॉलर का मार्केट कैप हासिल किया था। गौर करें कि एप्पल 2 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप हासिल करने वाली पहली कंपनी नहीं है। सऊदी अरामको पिछले साल स्टॉक मार्केट में आते ही इस मुकाम पर पहुंच गई थी। एक्सपर्टस का कहना है कि एप्पल के नए 5G आईफोन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है, ऐसे में शेयर में तेजी जारी है।

चीन को झटका

कोरोना महामारी के बीच एप्पल चीन को झटका देने वाली है। दरअसल, एप्पलअसेंबली पार्टनर पेगाट्रॉन (Pegatron) भारत में अपना पहला प्लांट लगाने वाली है। पेगाट्रॉन दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है। जून में, सरकार ने दुनिया के शीर्ष स्मार्टफोन निर्माताओं को लुभाने के लिए 6.6 अरब डॉलर की योजना बनाई, जिसमें वित्तीय प्रोत्साहन और उपयोग में आने वाले विनिर्माण क्लस्टर की पेशकश की गई।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, पेगाट्रॉन अब भारत में कंपनी की स्थापना कर रहा है और ताइवान के इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबलरों फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप (Foxconn Technology Group) और विस्ट्रॉन (Wistron) में शामिल हो रहा है, जो पहले से ही दक्षिण भारत में कुछ आईफोन हैंडसेट बना रहे हैं। चीन में कई कारखानों के साथ, Pegatron दूसरा सबसे बड़ा iPhone असेंबलर है और अपने आधे से अधिक व्यवसाय के लिए Apple पर निर्भर करता है।

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