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एसबीआई अपने कर्मचारियों को दे रहा है समय से पहले रिटायरमेंट का ऑफर, बैंक को हो सकती है 2 हजार करोड़ से ज्यादा की बचत

एसबीआई अपने कर्मचारियों को दे रहा है समय से पहले रिटायरमेंट का ऑफर, बैंक को हो सकती है 2 हजार करोड़ से ज्यादा की बचत
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नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपने कर्मचारियों के लिए नई वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम (वीआरएस) की घोषणा की है। योग्यता के तहत कुल 11,565 अधिकारी और 18,625 कर्मचारी इस स्कीम के लिए योग्य हैं। बैंक को इस नई वीआरएस से करीब 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की बचत का अनुमान है।

तीन महीनों के लिए खुलेंगे प्लान

एसबीआई ने 'सेकंड इनिंग टैप-वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम' (एसआईटीवीआरएस-2020) के अंतर्गत मानव संसाधन और लागत में सुधार का लक्ष्य रखा है। नई स्कीम के तहत योग्य कर्मचारी हर साल वीआरएस के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया हर साल 1 दिसंबर से जनवरी के बीच होगी।

बैंक को होगी 2 हजार करोड़ से ज्यादा की बचत

नए वीआरएस के तहत जो कर्मचारी योजना को चुनाव करेंगे, उन्हें नौकरी की बाकी बचे अवधि तक 50% सैलरी का भुगतान किया जाएगा। बैंक को अनुमान है कि अगर 30 फीसदी कर्मचारी योजना को चुनते करते हैं तो इससे बैंक को करीब 2,170 करोड़ रुपए की बचत होगी। मार्च 2020 तक बैंक में करीब 2.5 लाख कर्मचारी कार्यरत थे।

कर्मचारियों की वीआरएस लेने की इच्छा

बीमारियों से पीड़ित ज्यादातर बैंक कर्मचारी घर से ही काम करना चाहते हैं। इसके अलावा वे एक से दूसरे शहर की यात्रा करने से भी बचना चाहते हैं। ऐसे में कर्मचारियों ने वीआरएस लेने की इच्छा जताई है। बैंक के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि वीआरएस से नई प्रतिभाएं जुड़ेंगी और नयापन आएगा।

सरकार ने स्पष्ट किए नियम

इससे पहले 2 सितंबर को केंद्र सरकार ने साफ किया था कि जनहित में केंद्रीय कर्मचारियों को समय से पहले रिटायर किया जा सकता है। नियमों का हवाला देते हुए सरकार ने यह भी कहा कि 50-55 साल उम्र या 30 साल की नौकरी पूरी करने वाले कर्मचारियों को कभी भी रिटायर किया जा सकता है। ऐसे कर्मचारी जिन्होंने एफआर 56 (आई) और सीसीएस (पेंशन) नियम 1972 के 48वें रूल के मुताबिक रिटेन होने की अनुमति ले ली है, उन्हें भी रिव्यू का सामना करना पड़ सकता है।

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