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दूसरी तिमाही में सउदी अरामको का मुनाफा 73% गिरा, तेल की मांग और कीमत घटने से पड़ा असर

दूसरी तिमाही में सउदी अरामको का मुनाफा 73% गिरा, तेल की मांग और कीमत घटने से पड़ा असर
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नई दिल्ली। कैलेंडर ईयर 2020 की दूसरी तिमाही में सउदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सउदी अरामको का मुनाफा 73 फीसदी घट गया है। कोरोनावायरस के कारण तेल की मांग और कीमत घटने से अरामको की बिक्री पर असर पड़ा है। इससे कंपनी का मुनाफा भी घटा है। सउदी अरामको दुनिया की सबसे बड़ी तेल निर्यातक कंपनी है।

6.57 बिलियन डॉलर का मुनाफा

कंपनी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, दूसरी तिमाही में शुद्ध मुनाफा गिरकर 24.6 बिलियन रियाल यानी 6.57 बिलियन डॉलर रह गया है। एक साल पहले समान अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 92.6 बिलियन रियाल यानी 24.69 बिलियन डॉलर रहा था। कंपनी ने दूसरी तिमाही में 18.75 डॉलर का डिविडेंड देने की घोषणा की है। यह कंपनी के 2020 में 75 बिलियन डॉलर के डिविडेंड की योजना का हिस्सा है। दूसरी तिमाही में अरामको का फ्री कैश फ्लो 6.1 बिलियन रहा है। वहीं 2020 की पहली छमाही में यह 21.1 बिलियन डॉलर रहा है।

कोविड-19 जैसा संकट कभी नहीं देखा

सउदी अरामको का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कोविड-19 संक्रमण बढ़ने के कारण क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की मांग में महत्वपूर्ण गिरावट आई है। सउदी अरामको के सीईओ अमीन नसीर ने कहा कि दुनिया ने हाल के वर्षों में कोविड-19 जैसा संकट नहीं देखा है। हम एक अत्यधिक जटिल और तेजी से बदलते कारोबारी माहौल के अनुकूल हो रहे हैं। नसीर का कहना है कि दुनियाभर के देशों ने अर्थव्यवस्था को बूस्ट करने के लिए कदम उठाए हैं। इससे एनर्जी मार्केट में आंशिक रिकवरी आई है।

दुनियाभर की तेल कंपनियों के हालात खराब

कोविड-19 के कारण तेल की मांग और कीमत घटने से दुनियाभर की तेल कंपनियों के हालात खराब है। ब्रिटेन की तेल कंपनी बीपी ने दूसरी तिमाही में 6.7 बिलियन डॉलर के नुकसान के बाद पहली बार डिविडेंड में कटौती की घोषणा की है। इससे पहले रॉयल डच कंपनी शैल भी अप्रैल में डिविडेंड कटौती की घोषणा कर चुकी है। शैल ने दूसरे विश्व युद्ध के बाद पहली बार डिविडेंड में कटौती की है।

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