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जुलाई के पहले 8 सत्रों में एफपीआई ने भारतीय पूंजी बाजार से 2,867 करोड़ रुपए निकाले

जुलाई के पहले 8 सत्रों में एफपीआई ने भारतीय पूंजी बाजार से 2,867 करोड़ रुपए निकाले
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नई दिल्ली। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने जुलाई में अब तक के आठ सत्रों में भारतीय पूंजी बाजार (शेयर व डेट बाजार) से 2,867 करोड़ रुपए निकाल लिए। भारतीय बाजार में हाल में आई तेजी के बाद प्रोफिट बुकिंग करने के लिए वेदशी निवेशकों ने भारतीय शेयर व बांड की बिक्री की है।

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने 1-10 जुलाई के बीच शेयर बाजार से शुद्ध 2,210 करोड़ रुपए और डेट बाजार से शुद्ध 657 करोड़ रुपए खींचे। इस तरह से उन्होंने भारतीय शेयर व डेट बाजार से शुद्ध 2,867 करोड़ रुपए खींच लिए। जून में एफपीआई ने घरेलू पूंजी बाजार में 24,053 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया था।

बाजार में हाल की तेजी और कंपनियों के खराब वित्तीय नतीजे के कारण शेयर काफी महंगे हो गए थे

कोटक सिक्युरिटीज के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और फंडामेंटल रिसर्च के प्रमुख रुस्मिक ओझा ने कहा कि जून तिमाही में एफपीआई भारतीय पूंजी बाजार में शुद्ध निवेशक रहे। इस दौरान बाजार में भारी तेजी और पिछले कारोबार साल की चौथी तिमाही के लिए कंपनियों के खराब वित्तीय नतीजे के कारण शेयर काफी महंगे हो गए थे। मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर-मैनेजर रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि जून में खरीदार बने रहने के बाद एफपीआई ने जुलाई में प्रोफिट बुकिंग की है।

वैश्विक बाजार की नकदी उभरते बाजारों में पहुंचेगी, जिसका लाभ भारत को भी मिलेगा

श्रीवास्तव ने कहा कि लंबे समय के निवेश के लिए भारतीय शेयर अच्छे विकल्प हो सकते हैं। वैश्विक बाजार में नकदी काफी बढ़ गई है। यह उभरते बाजारों में पहुंच सकती है। इसका लाभ भारत को भी मिलेगा। ग्रो के सह-संस्थापक और सीओओ हर्ष जैन ने कहा कि लंबे समय में विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों में निवेश करते रहेंगे। बात जब लंबे समय की आती है तो तात्कालिक उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता का महत्व अधिक नहीं रहता। लंबे समय में मजबूत फंडामेंटल और विकास की संभावना अधिक महत्वपूर्ण समझी जाती है।

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