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गुजरात में 9 अरब डॉलर की पेट्र्रोकेमिकल परियोजना में 50% हिस्सेदारी लेना चाहती है नीदरलैंड की कंपनी शेल

गुजरात में 9 अरब डॉलर की पेट्र्रोकेमिकल परियोजना में 50% हिस्सेदारी लेना चाहती है नीदरलैंड की कंपनी शेल
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नई दिल्ली। नीदरलैंड की तेल कंपनी रॉयल डच शेल नयारा एनर्जी की करीब 9 अरब डॉलर की भावी पेट्रोकेमिकल परियोजना में 50 फीसदी हिस्सेदारी लेना चाहती है। एक सूत्र ने यह जानकारी दी। नयारा एनर्जी में रूस की तेल कंपनी रोजनेफ्ट की भी हिस्सेदारी है।

हिस्सेदारी के लिए जून में एमओयू पर हुए थे हस्ताक्षर

रायटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक परियोजना में हिस्सेदारी के लिए शेल और नयारा ने जून के शुरू में एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे। इसके मुताबिक परियोजना के लिए बराबर की हिस्सेदारी वाली एक संयुक्त उपक्रम (जेवी) कंपनी बनाई जाएगी। पिछले साल नवंबर और दिसंबर में नयारा की बोर्ड बैठकों में शेल और नयारा की पेट्रोकेमिकल जेवी पर विचार किया गया था।

5 साल में पूरी होगी परियोजना

योजना के मुताबिक पश्चिमी गुजरात के वादीनार में 18 लाख टन सालाना क्षमता वाली फुल स्टीम इथाइलीन क्रैकर और संबंधित डाउनस्ट्रीम यूनिट्स का निर्माण किया जाएगा। इन पर 8-9 अरब डॉलर की लागत आएगी। परियोजना 5 साल में पूरी होगी। पर्यावरण मंत्रालय में नयारा जमा किए गए नयारा के प्रस्ताव के मुताबिक परियोजना में एक एरोमैटिक कंप्लेक्स भी बनेगा। इसके साथ ही इसमें 1.075 करोड़ टन के विभिन्न पेट्रोकेमिकल्स का उत्पादन होगा।

नयारा वादीनार रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता भी बढ़ाना चाहती है

पेट्र्रोकेमिकल कंप्लेक्स के अलावा नयारा अपनी वादीनार रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता को 4 लाख बैरल राजाना से बढ़ाकर 9.2 लाख बैरल रोजाना तक पहुंचाना भी चाहती है। इन दोनों परियोजनाओं पर कुल करीब 1.3 लाख करोड़ रुपए (17.39 अरब डॉलर) खर्च होने का अनुमान है। पर्यावरण मंत्रालय 29-30 अगस्त की बैठक में विस्तार की परियोजना पर फैसला लेने वाला है।

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