Top
undefined

पुराने PF अकाउंट में पैसा फंसा है? नए अकाउंट पर इस तरह करें ऑनलाइन ट्रांसफर

पुराने PF अकाउंट में पैसा फंसा है? नए अकाउंट पर इस तरह करें ऑनलाइन ट्रांसफर
X

नई दिल्ली. अगर आप नौकरी करने वालों में हैं तो इस बात से जरूर वाकिफ होंगे कि हर महीने आपकी सैलरी से कुछ हिस्सा प्रविडेंट फंड में जाता है। यह पैसा आपका है और आप इसका कभी भी इस्तेमाल कर सकते हैं। बात जब पीएफ की होती है तो एक टर्म आता है UAN इससे भी वाकिफ होंगे। इसकी मदद से आप ऑनलाइन आसानी से चेक कर सकते हैं कि आपके अकाउंट में अब तक कितने रुपये जमा हुए हैं।

पुराने PF अकाउंट में पैसा फंसा है नए अकाउंट पर इस तरह करें ऑनलाइन ट्रांसफरकई बार होता है कि जब आप नौकरी बदलते हैं तो आपका Universal Account Number बदल जाता है। मतलब पहले जिस कंपनी में काम करते थे, वहां दूसरे पीएफ अकाउंट में आपका फंड जमा हो रहा था। नई कंपनी में नए अकाउंट में फंड जमा हो रहा है।

आपके पास हैं दो विकल्प

अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है तो आपके पास दो विकल्प हैं। पहला विकल्प ये है कि पुराने अकाउंट से सारे पैसे निकाल लें। दूसरा विकल्प यह है कि पुराने अकाउंट का फंड नए अकाउंट में ट्रांसफर करा लें। यह काम बहुत आसान है और घर बैठे ऑनलाइन किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर बहुत ज्यादा जरूरी ना हो तो पुराने अकाउंट से पैसे ट्रांसफर करवाना बेहतर विकल्प होता है।

EPF के ई-सेवा पोर्टल पर जाना होगा

वर्तमान समय में पुराने पीएफ अकाउंट में जमा रकम को नए अकाउंट में आसानी से ट्रांसफर कर सकते हैं। इसके लिए आपको EPF के ई-सेवा पोर्टल पर जाना होगा। यहां UAN और पासवर्ड के जरिए लॉगिन करना है।

Online services ऑप्शन पर जाना है

लॉगिन करने के बाद 'Online services' का ऑप्शन आएगा जिसपर क्लिक करना है। वहां 'One Member - One EPF Account (Transfer request)' का ऑप्शन दिखेगा जिसपर क्लिक करना है। यहां आपके सामने पूर्व नियोक्ता के पीएफ अकाउंट का ब्योरा आ जाएगा।

मोबाइल नंबर रजिस्टर होना जरूरी

यहां आप वर्तमान या पूर्व नियोक्ता को फॉर्म अटेस्ट करने के लिए चुन सकते हैं। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा जिसे सबमिट करना है। इसके साथ ही आपके पुराने पीएफ अकाउंट का पैसा नए पीएफ अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा।

2014 में जारी किया गया था UAN

पहले अलग-अलग कंपनियों में काम के दौरान हर कंपनी का अपना अलग पीएफ नंबर होता था, लेकिन 2014 में EPFO ने सभी ईपीएफ अंशधारकों को यूएन नंबर जारी किया था। इससे ये सारी प्रकियाएं आसान हो गईं।

Next Story
Share it
Top