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अर्थव्यवस्था में बदलाव पर होगा ध्यान, कृषि आय में वृद्धि के लिए नीतियों की जरूरत: RBI गवर्नर

अर्थव्यवस्था में बदलाव पर होगा ध्यान, कृषि आय में वृद्धि के लिए नीतियों की जरूरत: RBI गवर्नर
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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) को संबोधित करते हुए कि बदलती परिस्थितियां भारतीय इकोनॉमी के पक्ष में हैं। दास ने कहा कि हमें कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ मजबूती से लड़ने की जरूरत है। महामारी की वजह से देश में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा कि मध्यम अवधि के लिए अर्थव्यव्स्था में बदलाव पर ध्यान होगा।

दास के अनुसार, भारत को कृषि आय में निरंतर वृद्धि के लिए नीतियों की आवश्यकता है। हालांकि हाल के कृषि सुधारों ने नए अवसर खोले हैं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए बेहतर वृद्धि की संभावनाएं हैं। ग्रोथ को गति देने में इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका अहम है और बदले हालात का मजबूती से सामना करने की आवश्यकता है। विश्व बैंक की 2020 की रिपोर्ट के मुताबिक, जीवीसी (ग्लोबल वैल्यू चेन) की भागीदारी में एक फीसदी की वृद्धि से देश की प्रति व्यक्ति आय का स्तर एक फीसदी से अधिक बढ़ सकता है।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि भारत के लिए अमेरिका और अन्य देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों की बातचीत जल्द पूरा करने पर ध्यान देने की जरूरत। बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में काम काज बढ़ाने से आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र दोनों को इस क्षेत्र के विकास में प्रमुख भूमिका निभानी चाहिए। रिजर्व बैंक का मुद्रा की विनिमय दर के लिए कोई निर्धारित लक्ष्य नहीं है, लेकिन अनावश्यक घट-बढ़ पर नजर रहेगी।

बैंकों को सलाह

आगे उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक पूरी तरह से सजग है, जब भी कदम उठाने की जरूरत होगी उसमें कोताही नहीं बरती जाएगी। बैंकों को सलाह दी गई है कि वह प्रतिकूल परिस्थितियों में दबाव सहने की क्षमता का परीक्षण करें और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए पूंजी जुटाएं।

CII के कार्यक्रम में RBI गवर्नर ने मुख्य रूप से ये बातें कहींः

दास ने कहा कि भारत को अमेरिका और अन्य देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता करने पर ध्यान देने की जरूरत है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को प्रोत्साहित करने से वृद्धि को नई गति दी जा सकती है। बुनियादी ढांचा के विकास में प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर दोनों को अहम भूमिका निभानी होगी।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि बॉन्ड मार्केट में एक बार से गतिविधियां देखने को मिली हैं। पहली तिमाही में 1 लाख करोड़ रुपए के कॉरपोरेट बॉन्ड जारी किए गए।

दास ने उद्योग को आश्वस्त करते हुए कहा कि RBI बहुत अधिक सतर्क है और जरूरत पड़ने पर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।

दास ने कहा कि हाल में कृषि क्षेत्र में किए गए सुधारों से नए अवसरों के द्वार खुले हैं। उन्होंने कहा कि कृषि से होने वाली में लगातार वृद्धि को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों की जरूरत है।

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