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आरती इंडस्ट्रीज के शेयरों ने 6 साल में 6 लाख को 1 करोड़ बना दिया

आरती इंडस्ट्रीज के शेयरों ने 6 साल में 6 लाख को 1 करोड़ बना दिया
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मुंबई . केमिकल्स कंपनीआरती इंडस्ट्रीज के शेयरों ने पिछले 6 वर्षों में निवेशकों की वेल्थ 16 गुना बढ़ाई है। अगर छह साल पहले इसमें किसी ने 5.93 लाख रुपये निवेश किए होंगे तो आज वह करोड़पति बन गया होगा। मोतीलाल ओसवाल वेल्थ क्रिएशन स्टडी के अनुसार यह शेयर दलाल स्ट्रीट पर टॉप 5 वेल्थ क्रिएटर्स में शामिल है। दिसंबर 2013 में यह 46 रुपये के भाव पर था। गुरुवार को यह 775 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इस तरह यह छह साल में करीब 1600 प्रतिशत चढ़ चुका है। गुरुवार को यह 773.75 रुपये पर बंद हुआ।

मई 2019 में तो यह 930.51 रुपये के रेकॉर्ड हाई पर चला गया था। हालांकि इनपुट प्राइसेज की कीमतें घटने और कच्चे माल की तंगी होने से रेवेन्यू ग्रोथ में नरमी के बीच इसका भाव नीचे आ गया है। ऐनालिस्ट्स को इस शेयर के जल्द चढ़ने की उम्मीद दिख रही है। रिलायंस सिक्यॉरिटीज के मुताबिक लॉन्ग टर्म में कंपनी की अर्निंग्स विजिबिलिटी मजबूत है। कंपनी ने तीन लॉन्ग टर्म डील्स की हैं और 100 प्रतिशत ऑफ-टेक पर इनसे अर्निंग्स में 181 करोड़ रुपये जुड़ेंगे। यह वित्त वर्ष 2019 के लिए इसके प्रॉफिट ऑफ्टर टैक्स का 37 प्रतिशत होगा। रिलायंस सिक्यॉरिटीज ने कहा, 'हमें वित्त वर्ष 19-21 के दौरान अर्निंग्स ग्रोथ 22 प्रतिशत CAGR रहने की उम्मीद है। यह शेयर वित्त वर्ष 2020 की अनुमानित अर्निंग्स के 25.2 गुने और वित्त वर्ष 2021 की अनुमानित अर्निंग्स के 18.9 गुने पर ट्रेड कर रहा है। हमने 929 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ इसके लिए बाय रेटिंग दी है।'

मुंबई में हेडक्वॉर्टर वाली यह डायवर्सिफाइड केमिकल्स कंपनी बेंजीन बेस्ड डेरिवेटिव्स ऑफर करती है। इसकी आमदनी में 60 प्रतिशत योगदान बेंजीन का है, वहीं एनिलीन और सल्फ्यूरिक एसिड कंपाउंड्स का योगदान 12 प्रतिशत है। कंपनी मुख्य रूप से दो सेगमेंट्स में कारोबार करती है। एक तो स्पेशियलिटी केमिकल्स और दूसरा फार्मा। इसकी आमदनी में पहले सेगमेंट का योगदान 84 प्रतिशत है। बाकी हिस्स दूसरे से आता है।

कंपनी डाई, पिगमेंट्स, एग्रोकेमिकल्स, फार्मास्युटिकल्स और रबड़ केमिकल्स ऑफर करती है। इसकी आमदनी का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा एक्सपोर्ट्स से आता है। वित्त वर्ष 2019 में कंपनी की आमदनी 13 प्रतिशत CAGR से बढ़कर 4,706 करोड़ रुपये हो गई, जो वित्त वर्ष 2015 में 2,908 करोड़ रुपये थी। इस दौरान इसका एबिट्डा 20 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़कर 466 करोड़ रुपये से 965 करोड़ रुपये हो गया।

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