Top
undefined

बजट 2020 : ताश के पत्तों की तरह बिखरा शेयर बाजार, सेंसेक्स 800 अंक और निफ्टी 200 पॉइंट लुढ़के

शुक्रवार को सेंसेक्स 40,723.49 और निफ्टी 11,962.10 पर बंद हुआ था, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 279 पॉइंट की गिरावट के बाद संभला था।

बजट 2020 : ताश के पत्तों की तरह बिखरा शेयर बाजार, सेंसेक्स 800 अंक और निफ्टी 200 पॉइंट लुढ़के
X

मुंबई. बजट की वजह से शेयर बाजार में शनिवार को ट्रेडिंग हो रही है। हालांकि, सरकार की घोषणाओं ने बाजार को मायूस किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण खत्म होते ही सेंसेक्स में 800 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 40,000 से नीचे 39,930.46 पर आ गया। निफ्टी में भी 200 अंकों की गिरावट आ गई और यह 11,741.65 पर पहुंच गया। शुक्रवार को सेंसेक्स 40,723.49 और निफ्टी 11,962.10 पर बंद हो रहा था। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 279 पॉइंट की गिरावट के बाद संभला था। यह 182 अंक की बढ़त के साथ 40,905.78 तक पहुंचा। इसी तरह निफ्टी में भी 55 अंकों की बढ़त देखी गई। यह 12,017.35 के उच्च स्तर पर पहुंचा। फिलहाल सेंसेक्स के 30 में से 23 शेयर घाटे में हैं। हिंदुस्तान यूनीलीवर, नेस्ले इंडिया, टीसीएस, इन्फोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजी के शेयर फायदे में हैं। वहीं, निफ्टी के 50 में से 38 शेयर घाटे में कारोबार कर रहे हैं। निफ्टी में शामिल हिंदुस्तान यूनीलीवर, टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएल टेक्नोलॉजी और सिप्ला हरे निशान पर हैं।

बीएसई पर हुई ट्रेडिंग

बताया जा रहा है कि बाजार से जुड़े लोगों की अपील पर शनिवार को ट्रेडिंग का फैसला किया गया। क्योंकि, बजट की घोषणाओं से बाजार में काफी उतार-चढ़ाव आते हैं। 2015 में भी बजट के दिन शनिवार होने के बावजूद बीएसई पर ट्रेडिंग हुई थी। सामान्य तौर पर शनिवार-रविवार को शेयर बाजार बंद रहता है।

बजट से शेयर बाजार पर पड़ता असर

बजट के दिन सेक्टर विशेष के लिए जो घोषणाएं होती हैं उनका सेक्टर विशेष की कंपनियों के शेयरों पर असर पड़ता है। मोदी सरकार के पिछले 6 पूर्ण बजटों की बात करें तो बजट के दिन 4 बार शेयर बाजार नुकसान में रहा। पिछले साल 5 जुलाई को बजट पेश किया गया था। उस दिन सेंसेक्स 1% और निफ्टी 1.14% नुकसान में रहा था। पिछले बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सुपर रिच पर सरचार्ज बढ़ाने का ऐलान किया था। विदेशी निवेशकों को भी इसके दायरे में माना गया। इससे बाजार में गिरावट बढ़ गई थी। हालांकि, सरकार ने कुछ दिनों बाद सरचार्ज बढ़ोतरी का फैसला वापस ले लिया था।

Next Story
Share it
Top