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घर बनाना आसान, एसबीआई ने किया होम लोन सस्ता और साथ ही एफडी पर घटाई ब्याज दर

नई दरें 10 फरवरी 2020 से हो रही लागू

घर बनाना आसान, एसबीआई ने किया होम लोन सस्ता और साथ ही एफडी पर घटाई ब्याज दर
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नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति की घोषणा के एक दिन बाद भारत के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने अपनी ऋण दरों में कटौती की है, जिससे घर और ऑटो ऋण सस्ते हो गए हैं। एसबीआई ने अपनी सावधि जमा या एफडी दरों में भी कटौती की है। लेकिन साथ ही एफडी पर मिलने वाले ब्याज में भी कमी की है। नई दरें 10 फरवरी 2020 से लागू हो रही हैं। एसबीआई ने लगातार नौवीं बार वित्त वर्ष 2019-20 के लिए मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में कटौती का एलान किया है।

एसबीआई ने एमसीएलआर में कटौती की है। इसमें पांच बीपीएस की कटौती की गई है। जिसके बाद यह दर सालाना 7.90 फीसदी से कम होकर 7.85 फीसदी हो गई है। इससे ग्राहकों को फायदा होगा क्योंकि अब उन्हें सस्ते में होम लोन और ऑटो लोन मिल जाएगा। लोन के अतिरिक्त फिक्स्ड डिपॉजिट पर भी एसबीआई ने घोषणा की है। एसबीआई ने इसमें 10 से 50 बेसिस प्वाइंट की कमी की है। इसके साथ ही एकमुश्त एफडी (बल्क टर्म डिपॉजिट) पर मिलने वाले ब्याज में भी कमी की गई है।

आरबीआई ने रेपो दर 5.15 फीसदी रखने का किया फैसला

भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष की अंतिम मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में नीतिगत दर यानी रेपो दर 5.15 फीसदी बनाए रखने का फैसला किया। हालांकि, इसके बावजूद केंद्रीय बैंक ने आवास और वाहन ऋण के लिए बैंकों को सीआरआर में राहत देने की घोषणा की है जिससे उपभोक्ताओं को सस्ता ऑटो और होम लोन मिल सकेगा।

नीतिगत दर को नरम न करने के बावजूद मौद्रिक नीति समिति ने नीतिगत झुकाव उदार बनाए रखा है। इसका मतलब है कि वह आर्थिक वृद्धि दर तेज करने के लिए कर्ज सस्ता रखने के पक्ष में है। रिजर्व बैंक ने कहा कि जब तक संभव है, नीतिगत रुख उदार बनी रहेगी। गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रेपो दर में की गई कटौतियों का लाभ अब तक पूरा नहीं पहुंच पाया है। वर्ष 2020 में भी मौद्रिक नीति उदार बनी रहेगी।

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