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प्रशासन ने किया समझाने का प्रयास किन्तु लग रहा है किसानों के विरोध प्रदर्शन प्रायोजित - चौबे

कृषि मंत्री ने कहा- 82 लाख टन धान खरीदा जा चुका, जिन किसानों के धान केंद्र पहुंच चुके उनकी होगी खरीदी, 685 रुपए प्रति क्विंटल अंतर की राशि का भुगतान सीधा खाते में, योजना का नाम तय होगा मुख्यमंत्री के आने के बाद

प्रशासन ने किया समझाने का प्रयास किन्तु लग रहा है किसानों के विरोध प्रदर्शन प्रायोजित - चौबे
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रायपुर. धान खरीदी को लेकर किसानों के विरोध प्रदर्शन को कृषि मंत्री रवींद्र चौबे ने प्रायोजित बता दिया है। उन्होंने कहा जिन किसानों का धान केंद्र तक पहुंच गया है, उनकी खरीदी की जाएगी। जहां बारदाना की समस्या थी, वहां भी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। जो भी असंतोष दिखाई दे रहा है वह पूरी तरह से प्रायोजित दिख रहा है। केशकाल में किसानों पर हुए लाठीचार्ज को भी उन्होंने मानने से इनकार कर दिया। कहा कि सिर्फ प्रशासन ने समझाने का प्रयास किया था। कृषि मंत्री गुरुवार को मीडिया से बात कर रहे थे।

किसानों के खाते में जल्द आयेगी समर्थन मूल्य के अंतर की राशि

कृषि मंत्री चौबे ने कहा कि दो दिन पहले तक 82 टन धान की खरीदी हो चुकी थी। पंजीकृत किसानों से खरीदी हो रही है। समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसानों को दी जाएगी। इसके लिए बजट में 5000 करोड़ के अतिरिक्त राशि की व्यवस्था की गई है। इसके तहत 685 रुपए प्रति क्विंटल अंतर की राशि का भुगतान सीधा किसानों के खाते में जल्द ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना का नाम मुख्यमंत्री के लौटने के बाद तय होगा। इसके लिए उप मंत्रिमंडलीय समिति ने नीतिगत तैयारी कर ली है।

जल विवाद में केंद्र सरकार को करनी चाहिए मध्यस्थता

महानदी जल विवाद पर कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा इस विषय में उनकी केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ को जितने जल की आवश्यकता है, उसका उपयोग करने दें। उन्होंने कहा कि ट्रिब्यूनल में मामला खिंचता रहेगा। इससे बेहतर है कि आपसी सहमति से सुलझा लिया जाए। उन्होंने कहा कि महानदी जल विवाद में केंद्र सरकार को मध्यस्थ की भूमिका निभानी चाहिए।

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