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महाराष्ट्र : कोरोना के चलते आर्थिक हालात खराब, कर्मचारियों के वेतन देने तक को पैसा नहीं

महाराष्ट्र : कोरोना के चलते आर्थिक हालात खराब, कर्मचारियों के वेतन देने तक को पैसा नहीं

मुंबई. महाराष्ट्र सरकार में समाज कल्याण मंत्री विजय वडेट्टीवार ने कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते राज्य की आर्थिक हालात खराब हो चुकी है। सरकार के खजाने खाली हैं। कोरोना के चलते हर दिन सरकार को करोड़ों रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। अब हालत ऐसी हो गई है कि कर्मचारियों के वेतन देने तक को पैसा नहीं है। मंत्री वडेट्टीवार गुरूवार को मीडिया से बातचीत कर रहे थे।

कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए लोन लेना पड़ेगा

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के पास सरकारी कर्मचारियों को अगले महीने की सैलरी देने के पैसे नहीं हैं। उन्हें तनख्वाह देने के लिए सरकार को लोन लेना पड़ेगा। राज्य के बिगड़ते हालात को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया। कहा- केंद्र से राज्य सरकार को कोई फंड नहीं मिला है। जो भी नेता फंड मिलने की बात कर रहा है, वह गलत है।

वडेट्टीवर ने कहा- केंद्र ने कोविड -19 के लिए धन की घोषणा की है, लेकिन हमें अभी तक एक पैसा नहीं दिया। दान भी पीएम केयर फंड को जा रहे हैं। जो कहते हैं कि हमने केंद्र से धन प्राप्त किया है वह महाराष्ट्र के लिए ईमानदार नहीं हैं।

ज्यादातर विभाग के खर्च में कटौती की गई

मंत्री ने कहा कि 3 से 4 विभागों को छोड़कर दिया जाए तो अन्य विभागों के खर्चों में कटौती की गई है। राज्य में ऐसी स्थित कोरोना महामारी के चलते हुई है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कोरोना की स्थिति को संभालने के लिए कैश का संकट नहीं है। उन्होंने कहा- बजट पहले ही कम हो गए हैं। राजस्व का कोई रास्ता नहीं है। क्योंकि सब कुछ बंद है। कोई वित्तीय लेन-देन नहीं हो रहा है। राजस्व जमा करने के लिए कटौती के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।

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