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विधायकों के दबाव के आगे झुकी गहलोत सरकार, तबादलों से पाबंदी हटाई

राजस्थान में नए नियम के अनुसार कोरोना को देखते हुए कोई व्यक्ति तबादले की अर्जी लेकर मंत्रियों और विधायकों के पास नहीं आएगा बल्कि ऑनलाइन आवेदन विभाग के पोर्टल पर करेगा। इसके बाद प्रशासन ट्रांसफर की लिस्ट भी ऑनलाइन ही निकालेगी।

विधायकों के दबाव के आगे झुकी गहलोत सरकार, तबादलों से पाबंदी हटाई
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जयपुर, राजस्थान सरकार ने राज्य में कोरोना की वजह से तबादलों पर लगी रोक को हटा लिया है। अब राज्य में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों का तबादला किया जा सकेगा। बताया जा रहा है कि गहलोत सरकार ने अपने विधायकों के दबाव में तबादलों पर लगी रोक को हटाया है। बता दें कि राज्य में कोरोना की वजह से तबादलों पर पाबंदी लगी हुई थी और ऐसे में ही पंचायत चुनाव की घोषणा हो गई। इसे लेकर विधायकों में नाराजगी और बेचैनी दोनों थी। कई विधायक तबादलों पर रोक को लेकर खासे नाराज थे इसे देखते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तबादलों से 31 अक्टूबर तक पाबंदी हटाने का फैसला किया है। 15 सितंबर से तबादलों की अर्जी विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। नए नियम के अनुसार कोरोना को देखते हुए कोई व्यक्ति तबादले की अर्जी लेकर मंत्रियों और विधायकों के पास नहीं आएगा बल्कि ऑनलाइन आवेदन विभाग के पोर्टल पर करेगा। इसके बाद प्रशासन ट्रांसफर की लिस्ट भी ऑनलाइन ही निकालेगा। गौरतलब है कि पिछले दिनों राजेंद्र गुढ़ा और राजकुमार शर्मा जैसे विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से लेकर कांग्रेस प्रभारी अजय माकन तक से शिकायत की थी कि झुंझुनू के व्याख्याताओं के तबादले नहीं हो रहे हैं। अब सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि निर्वाचन विभाग से अनुमति लेकर यह तबादले किए जाएंगे। बता दें कि जब कुछ दिनों पहले राजस्थान की सरकार संकट में थी तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ कई विधायक होटल में ठहरे थे। इस दौरान सीएम ने विधायकों से बड़े-बड़े वादे किए थे मगर उन वादों को पूरा होता नहीं देख विधायकों में भारी नाराजगी होती जा रही थी। इसकी वजह से तबादलों पर प्रतिबंध हटा कर उन्हें खुश करने की कोशिश की गई है।

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