Top
undefined

पुलिस हिरासत में भाजपा कार्यकर्ता की मौत पर राज्यपाल ने ममता को लिखी चिट्ठी, कहा- राज्‍य में अराजकता

पुलिस हिरासत में भाजपा कार्यकर्ता की मौत पर राज्यपाल ने ममता को लिखी चिट्ठी, कहा- राज्‍य में अराजकता
X

कोलकाता। बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में भाजपा कार्यकर्ता मदन घोराई की पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को लेकर सियासत गरमा गई है। वहीं, अब राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मदन की मौत को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को रविवार को चिट्ठी लिखी है। अपनी चिट्ठी में राज्यपाल ने लिखा कि राज्य में हो रही अराजकता को लेकर लोगों के बीच नाराजगी है। राज्यपाल ने लिखा कि बंगाल में फैली अराजकता पर राज्य और बाहर दोनों ही जगह नाराजगी है। आठ अक्टूबर को सिख सुरक्षा गार्ड बलविंदर सिंह के साथ पुलिस की ज्यादती की घटना पहले से ही मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए पोस्टर बॉय बनी हुई है।

वहीं, अब पुलिस हिरासत में कथित तौर पर राजनीतिक कार्यकर्ता की मौत राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पूर्व मेदिनीपुर जिले के पलासपुर में एक भाजपा कार्यकर्ता की पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। भाजपा ने पुलिस पर पीट-पीट कर हत्या करने का आरोप लगाते हुए इस मामले की सीबीआइ जांच की मांग की है। मदन घोराई स्थानीय बूथ उपाध्यक्ष थे। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने इसे पुलिस हिरासत में राजनीतिक हत्या करार देते हुए कहा कि ये सब ममता जी और तृणमूल की सह पर हुआ है। इससे पहले, हावड़ा में भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प के दौरान एक सिख की पिटाई और पगड़ी उतारने का मामला सामना आया था। राज्यपाल इस घटना को लेकर सरकार के खिलाफ लगातार हमलावर हैं।

गौरतलब है कि बंगाल में भाजपा के सात बड़े नेताओं के खिलाफ कुल 138 मामले दर्ज हुए हैं। तमाम मामलों की किसी दूसरे राज्य की अथवा राष्ट्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग को लेकर पार्टी की ओर से कलकत्ता उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई है। भाजपा का कहना है कि उनके नेताओं को झूठे मामलों में फंसाया गया है। बंगाल के प्रभारी तथा भाजपा के राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन ने कहा कि बंगाल की ममता सरकार ने भाजपा के सात नेताओं कैलाश विजयवर्गीय, मुकुल रॉय, दिलीप घोष, बाबुल सुप्रियो, अर्जुन सिंह, पवन सिंह और सौरव सिंह पर कुल 138 मामले दर्ज किए हैं। उनके नेताओं पर बंगाल पुलिस ने झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाकर फंसाया है।

Next Story
Share it
Top