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हैवानों का शिकार हुई 12 साल की बच्ची

हैवानों का शिकार हुई 12 साल की बच्ची
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पश्चिम विहार। बीते मंगलवार को एक घर में 12 साल की बच्ची पुलिस को खून से लथपथ हालत में मिली थी, जिसके पर्सनल पाट्र्स व शरीर के अन्य हिस्सों में धारदार हथियार से अनगिनत वार कर रखे थे। खून से भरी हुई बच्ची को मरा हुआ समझकर आरोपी वहां से फरार हो गया। बच्ची को संजय गांधी अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां हालत नाजुक देखते हुए उसे एम्स में रेफर कर दिया था। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक बताई है। उसके साथ दुष्कर्म हुआ या नहीं, इस बारे में मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार पुलिस कर रही है। पुलिस का कहना है कि बच्ची के बयान महत्वपूर्ण हैं, लेकिन वह अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है। वह परिवार और डॉक्टर के सम्पर्क में हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से वारदात हुई है, उसको देखकर लगता है कि युवती को जान से मारने की पूरी कोशिश की गई थी, जिससे आरोपी अपनी पहचान छिपा सके। बहरहाल मामले की गंभीरता को समझते हुए जिले के बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त डॉ ए कॉन की देखरेख में पश्चिम विहार के एसीपी विनय माथुर खुद इस मामले की जांच कर रहे हैं और लगभग पूरे थाने की पुलिस समेत जिले का स्पेशल स्टाफ भी इस मामले को सुलझाने में लगा हुआ है। वहीं कल से कई दर्जन लोगों से पुलिस पूछताछ कर चुकी है।

घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि मासूम के साथ हैवानियत करने वाले का कोई सुराग पुलिस के हाथ लग सके। दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। नोटिस में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने पुलिस के एफ आईआर की कॉपी, आरोपी की जानकारी कि क्या वह पकड़ा गया या नहीं और इस मामले में किस तरह की कार्रवाई की गई है। यह जानकारी 8 अगस्त तक उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 12 साल की किशोरी के साथ पश्चिम विहार में दुष्कर्म किया गया और बेरहमी से हत्या का प्रयास किया गया है। हमारी टीम घटना के बाद से ही पीड़िता के साथ है। पुलिस को नोटिस जारी कर इस शर्मनाक घटना पर जवाब मांगा है। लड़की की हालत गंभीर है।

बता दें कि वारदात के वक्त लड़की घर पर अकेली थी, उसके माता-पिता काम पर गए हुए थे। बच्ची के विरोध करने पर आरोपियों ने उसके सिर और शरीर के बाकी हिस्सों पर धारदार हथियार से कई वार किए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 12 साल की लड़की परिवार के साथ पीरागढ़ी में किराए पर रहती है। परिवार मूलरूप से बिहार का रहने वाला है। जिस कमरे में परिवार रहता है, वह बिल्डिंग 3 मंजिल की है, जिसमें छोटे-छोटे करीब 25 कमरे बने हुए हैं। इनमें अधिकतर आसपास की फैक्ट्रियों में लेबर का काम करते हैं। बच्ची के परिवार में माता-पिता और एक बड़ी बहन है। माता-पिता फैक्ट्री में लेबर का काम करते हैं। बड़ी बहन भी काम करती है। बच्ची अक्सर अपने कमरे में अकेली रहती है।

चिल्लाने की आवाज किसी ने नहीं सुनी

गंभीर रूप से घायल हुई 12 वर्षीय पीड़िता एम्स में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। किशोरी की हालत काफी नाजुक बनी हुई है। डॉक्टर कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिस तरह से वारदात हुई है। उससे लगता है कि वारदात में शामिल आरोपी आसपास और जान पहचान वाला हो सकता है, जिसको पता था कि घर में बच्ची अकेली है और परिवार के लोग कब घर आएंगे। मामले में हर एक परिवार के सदस्य के बारे में जानकारी लेकर उसकी फोन कॉल की लोकेशन देखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में पता चला है कि बच्ची के चिल्लाने की आवाज किसी ने नहीं सुनी थी। ये काफी हैरान करती है। बेशक आसपास रहने वाले लोग अपनी-अपनी नौकरी पर चले जाते हैं। लेकिन घरों में बच्चे व महिलाएं रहती हैं।

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