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जायडस कैडिला ने कोरोना की दवा रेमडेसिविर लॉन्च की, कीमत 2800 रुपए; देश में अब तक 24 लाख मामले

जायडस कैडिला ने कोरोना की दवा रेमडेसिविर लॉन्च की, कीमत 2800 रुपए; देश में अब तक 24 लाख मामले
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नई दिल्ली। फॉर्मास्यूटिकल कंपनी जायडस कैडिला ने गुरुवार को कोरोना मरीजों के इलाज के लिए रेमडेसिविर दवा भारतीय बाजार में उतारी। इसका नाम रेमडेक रखा गया है। रेमडेक की 100 मिलीग्राम की शीशी की कीमत 2,800 रुपए है। जायडस कैडिला ने बताया कि यह दवा सरकारी और निजी अस्पतालों में मिलेगी। देश में जायडस पांचवीं कंपनी है, जिसने एंटीवायरल दवा लॉन्च की। इससे पहले फार्मा कंपनी हेटेरो लैब्स, सिप्ला, मायलन एनवी और जुबिलेंट लाइव साइंसेस ने यह दवा बाजार में उतारी है।

कैडिला हेल्थकेयर के प्रबंध निदेशक डॉ. शरविल पटेल ने कहा, 'रेमडेक सबसे सस्ती दवा है, क्योंकि हम चाहते हैं कि यह ज्यादा से ज्यादा मरीजों तक पहुंच सके।' उधर, देश में कोरोना की संख्या बढ़कर 24 लाख 468 हो गई है। बुधवार को 67 हजार 66 मरीज बढ़े थे।

केंद्रीय स्वास्थ मंत्रालय ने गुरुवार सुबह अपने आंकड़े जारी किए। इसके मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 66 हजार 999 मामले दर्ज किए गए। वहीं, 942 मौतें दर्ज की गईं। इसके साथ, देश में 23 लाख 96 हजार 638 केस सामने आ चुके हैं। इनमें 6 लाख 53 हजार 622 एक्टिव केस हैं। वहीं, 16 लाख 95 हजार 982 मरीज ठीक हो चुके हैं। वहीं, अब तक 47 हजार 33 लोगों की जान जा चुकी है।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने बताया कि 12 अगस्त को देश में 8 लाख 30 हजार 391 टेस्ट किए जा चुके हैं। वहीं, अब तक 2 करोड़ 68 लाख 45 हजार 688 सैंपल की जांच की जा चुकी है।

पांच राज्यों का हाल

1. मध्यप्रदेश

राज्य में कोरोना की जांच के लिए 88 लैब हैं। यह हर जिले में मौजूद हैं। 10 सरकारी और 7 प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की लैब भी टेस्टिंग और ट्रीटमेंट की सुविधा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अगले एक माह में आईसीयू बेड की संख्या तीन गुना करने का लक्ष्य है। अभी एक्टिव पेशेंट 9317 हैं, जो कि अब तक सबसे ज्यादा हैं। इसके बावजूद ऑक्सीजन समेत जनरल बेड की आक्यूपेंसी सिर्फ 22% है, जबकि आईसीयू बेड की आक्यूपेंसी 30% से कम है।

2. राजस्थान

राज्य में पहली बार लगातार दूसरे दिन 1200 से ज्यादा रोगी मिले। बुधवार को 1213 और मंगलवार को 1217 रोगी मिले थे। जालौर में 3, टोंक, पाली और कोटा में 2-2, प्रतापगढ़ और दौसा में 1-1 मरीज की मौत हुई। अब तक 822 की जान जा चुकी है। 48 घंटों के दौरान सबसे ज्यादा 2782 मरीज डिस्चार्ज भी हुए हैं।

3. बिहार

राज्य में कोरोना की वजह से अब तक 500 लोगों की जान जा चुकी है। पटना में बुधवार को 11 साल की लड़की और 15 साल के लड़के की जान गई। उधर, राज्य में 11 से 30 साल की उम्र के 20 मरीज अब तक दम तोड़ चुके हैं। इनमें चार लड़कियां थीं। इनमें से 11 को पहले से बीमारी नहीं थी।

एनालिसिस से पता चला कि 55 मरीजों को कोरोना से लड़ने के लिए एक भी दिन का समय नहीं मिला। मतलब, रिपोर्ट आने या भर्ती होने के दिन ही मौत हो गई। 64 लोगों के परिजनों को उनकी मौत के बाद पता चला कि वे पॉजिटिव थे। 46 की रिपोर्ट मौत के अगले दिन आई। 11 की दूसरे दिन और 7 की तीसरे दिन।

कोरोना मरीज का निजी अस्पतालों में इलाज की दर अधिकतम रोजाना15 से 20 हजार के बीच तय करने पर विचार चल रहा है। जांच और दवा का खर्च परिजन देंगे। अस्पताल का चार्ज यानी बेड, डॉक्टर आदि की दर फिक्स होगी। इसमें सामान्य बेड पर रहने वाले मरीज से एक दिन का अधिकतम 5 हजार, आईसीयू में 10 हजार, वेंटीलेटर का 15 से 20 हजार के बीच ही लिया जा सकेगा।

4. महाराष्ट्र.

कोरोना संक्रमितों के लगातार बढ़ते केस के बीच महाराष्ट्र के अहमदनगर से बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक एम्बुलेंस में 12 कोरोना मरीजों के शवों को ले जाने का आरोप शिवसेना के नगर सेवक बालासाहब बोराटे ने लगाया है। बोरोटे ने अपने दावे की पुष्टि के लिए एक वीडियो भी जारी किया है। इसमें एक एम्बुलेंस में कुछ शव एक के ऊपर एक रखे हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि, शिवसेना नेता के आरोप पर नगर निगम की ओर से कोई भी बयान अभी तक सामने नहीं आया है।

5. उत्तरप्रदेश.

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि हम प्रत्येक दिन रिकॉर्ड संख्या में कोरोना जांच कर रहे हैं। मंगलवार को भी राज्य में करीब 98 हजार सैंपल्स की जांच हुई है। उत्तर प्रदेश में अभी तक 3412346 सैंपल्स की जांच हुई है। उन्होंने कहा कि 1 अगस्त से 11 अगस्त के बीच हुई टेस्टिंग में पॉजिटिविटी रेट 4.8 प्रतिशत है। कानपुर नगर, गोरखपुर, देवरिया, महाराजगंज और लखनऊ में सबसे ज्यादा पॉजिटिविटी देखने को मिल रही है।

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि ई-संजीवनी पोर्टल का प्रदेश के लोग लगातार इस्तेमाल कर रहे हैं। इस पोर्टल से आप घर बैठे डॉक्टरों से सलाह ले सकते हैं। अब तक प्रदेश के 24 हजार 663 लोगों को इससे लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 61 हजार 831 कोविड हेल्प डेस्क स्थापित किए जा चुके हैं। इससे कोरोना को रोकने में बड़ी सफलता मिल रही है।

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