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सुषमा स्वराज ने 370 हटने पर कहा था-'जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी', आज है पुण्यतिथि

भारतीय जनता पार्टी की सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक रहीं सुषमा स्वराज की आज पहली पुण्यतिथि है। आज से ठीक एक साल पहले 6 अगस्त 2019 को उनका देहांत हो गया था।

सुषमा स्वराज ने 370 हटने पर कहा था-जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी, आज है पुण्यतिथि
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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी की सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक रहीं सुषमा स्वराज की आज पहली पुण्यतिथि है। आज से ठीक एक साल पहले 6 अगस्त 2019 को उनका देहांत हो गया था। एक दिन पहले ही केंद्र की बीजेपी सरकार ने जम्मू एवं कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटा दिया था, जिसपर सुषमा स्वराज ने खुशी जताई थी। उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि वह अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थीं। आज दिवंगत नेता की पहली पुण्यतिथि पर देश उन्हें याद कर रहा है। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने तब ट्वीट कर कहा था, 'प्रधान मंत्री जी- आपका हार्दिक अभिनन्दन। मैं अपने जीवन में इस दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी।' उन्होंने 6 अगस्त को शाम 7.23 बजे यह ट्वीट किया था। निधन से पहले यह उनका आखिरी ट्वीट था। इसके बाद 6 अगस्त को ही सुषमा स्वराज का निधन हो गया। उन्होंने अपने इस ट्वीट में खुशी जाहिर करते हुए लिखा था कि वह यही दिन देखने की प्रतीक्षा कर रही थीं। इससे पहले 5 तारीख को भी उन्होंने कई ट्वीट किए थे। एक ट्वीट में उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को सदन में उनके भाषण के लिए बधाई दी थी। अमित शाह ने ही सदन में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रवाधानों का हटाने का बिल पेश किया था। सुषमा स्वराज ने ट्वीट में लिखा था, 'गृह मंत्री श्री अमित शाह जी को उत्कृष्ट भाषण के लिए बहुत बहुत बधाई। राज्य सभा के उन सभी सांसदों का बहुत बहुत अभिनन्दन, जिन्होंने आज धारा 370 को समाप्त करने वाले संकल्प को पारित करवा कर डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि दी और उनके एक भारत के सपने को साकार किया।' सुषमा स्वराज का राजनीतिक करियर बेहद शानदार रहा था और वह 1977 में हरियाणा सरकार में सिर्फ 25 साल की उम्र में कैबिनेट मंत्री बन गई थीं। इसके बाद वह 1998 में दिल्ली की कुल पांचवीं और पहली महिला मुख्यमंत्री भी बनीं। सुषमा स्वराज ने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय समेत कई अहम मंत्रालय संभाले। 2009 से लेकर 2014 तक वह लोकसभा में विपक्ष की नेता रहीं। 2014 में मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। उनके निधन की खबर सुनकर करोड़ों भारतीय शोक में डूब गए थे और उन्होंने तमाम माध्यमों से अपनी भावनाएं भी जाहिर की थीं।

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