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लॉकडाउन के बाद इस तरह होगा एयरपोर्ट्स का हाल, जानें क्या व्यवस्था बनाई जा रही है

एयरपोर्ट के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनना अनिवार्य होगा.

लॉकडाउन के बाद इस तरह होगा एयरपोर्ट्स का हाल, जानें क्या व्यवस्था बनाई जा रही है
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नई दिल्ली। देश में लॉकडाउन की वजह से हवाई यात्रा को रुके हुए 40 दिनों से ज्यादा का वक्त हो गया है. अब लॉकडाउन का तीसरा चरण चल रहा है. उम्मीद की जा सकती है कि जल्द से जल्द लॉकडाउन खत्म होगा और हवाई यात्रा फिर से बहाल हो सकेगी. लेकिन जाहिर तौर पर अब पुरानी व्यवस्था के साथ उड़ानों का संचालन नहीं हो सकता, इसलिए नई व्यवस्था जरूरी है.

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लॉकडाउन से पहले दिल्ली के इस हवाई अड्डे पर बोर्डिंग पास लेने से लेकर विमान पर सवार होने तक की व्यवस्था अलग थी. लेकिन अब लॉकडाउन के बाद तस्वीर बदलने वाली है. फिलहाल एयरपोर्ट खाली पड़ा है क्योंकि लॉकडाउन की वजह से पिछले 43 दिनों से बंद है.

एयरपोर्ट का जिम्मा संभालने वाली जीएमआर कंपनी ने एयरपोर्ट खोलने के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसी कड़ी में एयरपोर्ट पर गाड़ियों की पार्किंग के लिए भी सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा जा रहा है. इसके साथ ही सामान ले जाने वाली ट्रॉलिओं के लिए भी खास इंतजाम किया गया है क्योंकि डर इस बात का बना रहता है कि सबसे पहले कोई भी यात्री अपना सामान रखने के लिए इन्हीं ट्रॉलियों का इस्तेमाल करता है. लिहाजा इसी को ध्यान में रखते हुए इनके सैनिटाइजेशन का खास ध्यान रखा जाएगा.

इसके साथ ही यात्री जब एयरपोर्ट के अंदर जाए तो उसका कम से कम लोगों से संपर्क हो उसी को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट के बाहर ही बोर्डिंग पास कियोस्क भी लगा दिया गया है. इस मशीन के जरिए यात्री अपने पीएनआर के आधार पर या फिर बारकोड को स्कैन करके बोर्डिंग पास निकाल सकते हैं और फिर सीधा अंदर जा सकते हैं. जब यात्री बोर्डिंग पास लेकर एयरपोर्ट के अंदर जाने के लिए दाखिल होगा तो उस दौरान भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने के लिए गेट के बाहर ही निशान लगा दिए गए हैं.

एयरपोर्ट के अंदर जाने के बाद भी लोग किसी तरह से कोरोना वायरस के संक्रमण में ना आए इसका भी इंतजाम किया जाएगा. इसके लिए जगह-जगह जगह जगह पर छिड़काव और सैनिटाइजेशन किया जाएगा. यह काम दिन के 24 घंटे चलेगा और फिलहाल अभी से शुरू भी हो चुका है. इतना ही नहीं अगर किसी के पास सामान है और उसको वो सामान बैगेज में डालना भी है तो उसको लेकर भी खास इंतजाम कर लिए गए हैं जो पहले से अलग हैं. अपने सामान में टैग अपने आप लगाना होगा.

इसके बाद जब यात्री आगे सुरक्षा जांच के लिए बढ़ेगा तो सुरक्षा जांच में लगे सुरक्षाकर्मी भी पूरी सावधानी के साथ मास्क और ग्लव्स का इस्तेमाल करते हुए जांच करेंगे. इस बीच सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी भी लगातार हाथ सैनिटाइज करते रहेंगे. अलग-अलग एयरलायंस के लिए अलग-अलग गेट तय कर दिए जाएंगे और उन एयरलाइंस के यात्री उन्हीं गेट का ही इस्तेमाल कर सकेंगे. इस बीच अगर किसी यात्री को शौचालय का इस्तेमाल भी करना है तो वहां पर भी सैनिटाइजेशन पर पूरा जोर दिया जा रहा है. जिससे कि किसी भी सूरत में किसी भी यात्री को शौचालय के जरिए कोरोना संक्रमण ना पहुंचे.

इसके बाद जब विमान की तरफ बढ़ेंगे तो वहां पर भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा. विमान के अंदर भी खास इंतजाम होंगे जिससे कि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सके. इसमें लगातार मास्क लगाए रहने और सोशियल डिस्टेंसिंग पर जोर दिया जाएगा. इसको लेकर एयरपोर्ट के बाहर से लेकर विमान के अंदर तक लगातार घोषणाएं होती रहेंगी. हालांकि आधिकारिक तौर पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय इसको लेकर कुछ दिशानिर्देश जारी करेगा.

कुछ ऐसी ही सारी प्रक्रिया अगर कोई यात्री विमान दिल्ली आएगा तो वहां पर भी अपनाई जाएगी. मसलन विमान के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का खास ध्यान दिया जाएगा और बाहर निकलने पर सामान सैनिटाइज करने के बाद ही यात्रियों को दिया जाएगा.

यानी एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी जीएमआर ने तैयारी तो अभी से लगभग पूरी कर ली है. अब हवाई यात्रा पहले की तुलना में काफी हद तक बदल जाएगी. एयरपोर्ट पर पहुंचने से लेकर हवाई यात्रा तक और हवाई यात्रा करने के बाद एयरपोर्ट से बाहर निकलने तक लगातार कोशिश यही की जाएगी की कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जाए और इसी को ध्यान रखते हुए यह सारे इंतजाम किए गए हैं.

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