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कोरोना की आपदा में मोदी सरकार का बड़ा ऐलान : देश के 80 करोड़ लोगों को मिलेगा, 2 रुपये में 7 किलो गेहूं

कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि देश के 80 करोड़ लोगों को 2 रुपये में 7 किलो गेहूं और 3 रुपये में चावल दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों और कैंट्रैक्ट पर आधारित कर्मचारियों को भी वेतन मिलेगा।

कोरोना की आपदा में मोदी सरकार का बड़ा ऐलान : देश के 80 करोड़ लोगों को मिलेगा, 2 रुपये में 7 किलो गेहूं
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नई दिल्ली /देश में बढ़़ते कोरोना के प्रकोप के बीच बुधवार को केंद्र की मोदी सरकार ने राशन को लेकर बड़ा ऐलान किया। कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि देश के 80 करोड़ लोगों राशन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि तीन महीने का राशन एडवांस दिया जाएगा। कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि देश के 80 करोड़ लोगों को 2 रुपये में 7 किलो गेहूं और 3 रुपये में चावल दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों और कैंट्रैक्ट पर आधारित कर्मचारियों को भी वेतन मिलेगा। प्राइवेट सारे कर्मचारियों को वेतन देने की बात कही गई है और अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।

उधर, केंद्र ने सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से कोरोना वायरस महामारी के कारण लागू सार्वजनिक पाबंदियों के दौरान खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के काम काज को बंद न कराने की सलाह दी है और इनकी आपूर्ति निरंतर बनाये रखने को कहा है। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों को लिखे पत्र में उद्योग और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी)के सचिव गुरूप्रसाद महापात्र ने खुदरा दुकानों, दवा दुकानों, विनिर्माण इकाइयों के कर्मचारियों और परिचालकों को अपनी इकाइयों तक जाने की अनुमति देने को कहा है। सचिव ने 23 मार्च के पत्र में कहा है, ''कोरोना वायरस महामारी से बचाव के लिये कई राज्यों में लॉकडाउन किया गया है। कई अन्य एहतियाती कदम उठाये गये हैं। इसको देखते हुए डीपीआईआईटी की तरफ से राज्य प्राधिकरणों को निर्देश दिया जाता है कि वे खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को बाधित या उसे बंद नहीं करें क्योंकि वे खाने-पीने का सामान तैयार करते हैं। साथ ही बिना किसी बाधा के देश के नागरिकों के लिये इन सामानों की आपूर्ति बनाये रखे।''

सचिव ने कहा है कि खाद्य प्रसंस्करण कंपनियों को साफ-सफाई के कड़े मानदंडों के साथ अपने विनिर्माण संयंत्र खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। धारा 144 या निषेधाज्ञा से छूट वाली इकाइयों में इन्हें भी शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिये कच्चा माल ले जाने वाले वाहनों को भी आने-जाने की अनुमति दी जानी चाहिए। पत्र में सभी खुदरा, किराना, थोक दुकानें और दवा की दुकानों को भी खोलने की अनुमति देने को कहा गया है ताकि आम लोगों को कोई परेशानी नहीं हो और लोग अफरातफरी में खरीदारी नहीं करे।

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