Top
undefined

कोरोना के ख़िलाफ़ जंग में जीत की तरफ़ बढ़ता देश का कप्तान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी यात्रा की शुरूआत अहमदाबाद के जायडस बायोपार्क से की और इसके बाद प्रधानमंत्री हैदराबाद के भारत बायोटेक रिसर्च सेंटर पहुँचे और पुणे का सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया उनका अंतिम पड़ाव था।

कोरोना के ख़िलाफ़ जंग में जीत की तरफ़ बढ़ता देश का कप्तान
X

डॉ शिव कुमार राय

यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सक्रियता है कि वह एक ही दिन में अलग-अलग राज्यों के तीन शहरों की लैब में बन रही कोरोना वैक्सीन का जायज़ा लेने स्वयं पहुँचते हैं। पीपीई किट पहनकर एक तरफ़ रिसर्च सेंटर में वैक्सीन के बारे में चिकित्सा वैज्ञानिकों से जानकारी हासिल करते हैं तो दूसरी तरफ़ इन कंपनियों के प्रमोटर्स के साथ भी कोरोना वैक्सीन को लेकर चर्चा करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी यात्रा की शुरूआत अहमदाबाद के जायडस बायोपार्क से की और इसके बाद प्रधानमंत्री हैदराबाद के भारत बायोटेक रिसर्च सेंटर पहुँचे और पुणे का सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया उनका अंतिम पड़ाव था। दरअसल, देश के इन तीन अलग-अलग रिसर्च सेंटर में चिकित्सा वैज्ञानिकों ने कोरोना वैक्सीन तैयार कर ली है जिसका परीक्षण अब अंतिम दौर में है। इस यात्रा से कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 नवंबर को 9 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना संकट और वैक्सीन को लेकर विस्तार से चर्चा की थी। प्रधानमंत्री के साथ इस चर्चा में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन शामिल हुए। कोरोना संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ नियमित बातचीत का सिलसिला निरंतर जारी रहा है। देश में कोरोना संकट की दस्तक से लेकर अब तक प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के साथ नियमित संवाद कायम रखा। 19 मार्च 2020 को रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट पर पहली बार राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। उन्होंने कोरोना के ख़िलाफ़ इस लड़ाई में देश की जनता से सहयोग मांगा। उस वक्त प्रधानमंत्री ने देश को बताया कि पूरी दुनिया इस समय गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है। कोरोना संकट पर राष्ट्र के नाम अपने इस संदेश में प्रधानमंत्री ने देश को संकल्प और संयम का मंत्र दिया। प्रधानमंत्री ने 22 मार्च रविवार के दिन सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू में भाग लेने के लिए लोगों से अपील की थी और देश की जनता ने स्वेच्छा से इसका पालन भी किया। इस संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से 22 मार्च को शाम पाँच बजे उन लाखों लोगों का अभिवादन करने की अपील भी की, जो हमारे लिए दिन-रात अपने काम में जुटे हैं। इस संदेश में प्रधानमंत्री का मकसद कोरोना महामारी के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ रहे डॉक्टर, सरकारी कर्मचारियों और मीडियाकर्मियों की हौसलाअफ़जाई करना था। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से जनता कर्फ्यू के दिन शाम पाँच बजे अपने घर के दरवाजे, बालकनी, खिड़की पर खड़े होकर पाँच मिनट तक ताली या थाली बजाने को कहा और 22 मार्च को ताली और थाली की इस गूँज ने कोरोना के ख़िलाफ़ इस लड़ाई में पूरे देश को एकजुट कर दिया। जनता कर्फ्यू के बाद देशव्यापी लॉकडाउन के दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र के नाम अपने संदेशों के माध्यम से एक तरफ़ देश के नागरिकों का बुरे वक्त में हौसला बढ़ाते रहे तो दूसरी तरफ़ प्रधानमंत्री महामारी से निपटने के लिए कोविड अस्पताल, सैनेटाइजर और मास्क जैसी तमाम कदमों पर नज़र बनाए हुए थे। इतना ही नहीं, त्योहारों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से हाथ जोड़कर प्रार्थना की थी कि जब तक कोरोना की दवाई नहीं, तब तक कोई ढिलाई नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि आपदा के गहरे समुद्र से निकलकर हम किनारे की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसा न हो जाए कि हमारी कश्ती वहाँ डूबी, जहाँ पानी कम था। हमें वो स्थिति नहीं आने देनी है। देश जानता है कि यह कश्ती कभी नहीं डूबेगी क्योंकि इसकी पतवार एक मज़बूत हाथों में है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व का ही परिणाम है कि कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ लड़ाई में भारत का प्रदर्शन स्वयं को विकसित मानने वाले दुनिया के कई देशों से बेहतर रहा है। कोरोना संकट के ख़िलाफ़ हर जंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐसे सफल कप्तान साबित हुए हैं, जिन्होंने कोरोना वायरस से निपटने में न केवल अपनी पूरी टीम को एकजुट रखा है बल्कि दुनिया के कई देशों को भी इस महामारी से निपटने का मंत्र दिया। अब वह दिन दूर नहीं, जब भारत का यह कप्तान अपनी टीम के साथ कोरोनावायरस पर अंतिम प्रहार कर देश को जीत दिलाएगा। लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।

( लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।)

Next Story
Share it