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लॉकडाउन ने तोड़ी कमर ... मुंबई में स्ट्रगल कर रहे प्रवासी कलाकार, सता रही रोजगार की चिंता

लॉकडाउन ने तोड़ी कमर ... मुंबई में स्ट्रगल कर रहे प्रवासी कलाकार, सता रही रोजगार की चिंता
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मुंबई . शूटिंग चलती रहे तो गाड़ी भी चलती रहती है। ऐसी कहानी है मुबंई में फिल्म टीवी से जुड़े प्रवासी कलाकारों की। कुछ स्थापित हो चुके हैं और कई सारे स्थापित होने के लिए स्ट्रगल कर रहे हैं। ऐसे सभी कलाकारों को लम्बे लॉकडाउन ने मुसीबत में डाल दिया है। वह कलाकार तो टीवी सीरियल, फिल्मों में आपको थोड़ी देर हंसाने, रुलाने के लिए आते हैं। वह दिन रात होने वाली शूटिंग के बंद होने से पिछले कई दिनों से घर पर ही हैं।

मुसीबत हैं पर कहें किससे। उन्हें भी मकान के किराए, महीने के राशन की व्यवस्था, बिजली का बिल, बच्चों की फीस देनी है। अपने कॅरियर के साथ ही घर की जिम्मेदारियां भी निभानी हैं। उत्तराखंड से बड़ी संख्या में मुबंई, दिल्ली, हैदराबाद में रहकर स्ट्रगल कर रहे प्रवासी कलाकारों के साथ भी अपनी सामाजिक आर्थिक सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही है।

हैदराबाद में रह रही शुभांगी पंत तेलगु फिल्मों की हीरोइन हैं। उनकी दर्पणम जैसी कुछ तेलगू फिल्में रीलीज हो चुकी हैं जबकि हस्तिनापुर, महाप्रसादम जैसी फिल्में लॉकडाउन के कारण अटकी हुई हैं। कई फिल्मों की प्रमोशन रुकी हुई है। ऑनलाइन डिजीटल सांग प्रमोशन से गाड़ी चल रही है। हरियाणवी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी नैनीताल की कविता जोशी लॉकडाउन से पहले ही उत्तराखंड आ गई थी। वह कहती हैं कि ऐसी कंडीशन में मुबंई जैसी जगह पर रहना बेहद चुनौतीपूर्ण है। उनके कई प्रोजेक्ट बीच में ही रूक गए हैं।

महाराणा प्रताप, सीआईडी, क्राइम पेट्रोल, सावधान इंडिया जैसे टीवी सीरियल में अभिनय कर चुके पिथौरागढ़ के एक्टर जितेन्द्र बोहरा ने एक पोस्ट को शेयर करते हुए भावनाएं व्यक्त की हैं। जो दिन रात शूटिंग करते थे ,जानते हैं अब वो क्या कर रहे हैं? अब वो डर रहे हैं, उनके चेहरे से हंसी गायब है, आगे क्या होगा। आर्टिस्ट की भी सामान्य जरूरतें हैं।

वैभव बिष्ट एक्टर निर्देशक-डाकिनी, व्हैन ओबामा लब्स ओसामा समेत कई फिल्मों में काम कर चुके वैभव बताते हैं। वह कई कलाकारों को जानते हैं जो खाली बैठे हैं और वापस उत्तराखंड आना चाहते हैं। दून के दीपक बंगवाल बताते हैं कि मुबंई में हालात अच्छे नहीं हैं। बहुत से कलाकार परेशानी में हैं। कई कलाकार लौटना चाहते हैं। आमदनी नहीं है और खर्चे लगातार हो रहे हैं। मेरी भी फिल्म अटक गई है। तेनालीराम, बिट्टी बिजनैसवाली, मैं भी अर्धांगिनी, मिलेगी मंजिल मुझे सीरियल पूरे हो चुके हैं। र हो रहे हैं। मेरी भी फिल्म अटक गई है। तेनालीराम, बिट्टी बिजनैसवाली, मैं भी अर्धांगिनी, मिलेगी मंजिल मुझे सीरियल पूरे हो चुके हैं।

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