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कुलभूषण मामले में झुका पाकिस्तान, जाधव को तीसरा कॉन्सुलर एक्सेस देगा

कुलभूषण मामले में झुका पाकिस्तान, जाधव को तीसरा कॉन्सुलर एक्सेस देगा
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इस्लामाबाद। कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान एक बार फिर बैकफुट पर आता दिख रहा है। पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से न्यूज एजेंसी ने शुक्रवार को बताया कि पाकिस्तान ने कुलभूषण मामले में भारत को तीसरी कॉन्सुलर एक्सेस देने की पेशकश की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कॉन्सुलर एक्सेस में पाकिस्तान का कोई सुरक्षाकर्मी न होने की भारत की मांग को मानने की जानकारी दी।

इससे पहले पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव पर वहां के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने नया बयान जारी किया है। भारत के डिप्लोमैट्स और उनकी वकील गुरुवार को जाधव से कॉन्सुलर एक्सेस के तहत मिलने पहुंचे थे। कुरैशी का दावा है कि ये लोग जाधव से मुलाकात किए बिना ही लौट आए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत इस मामले में गलत इरादे लेकर चल रहा है। कुरैशी के बयान पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने रिएक्शन नहीं दिया।

मुलाकात ही नहीं हुई

जियो न्यूज से बातचीत में कुरैशी ने कहा, "भारत के दो डिप्लोमैट्स को हमने कॉन्सुलर एक्सेस के तहत जाधव से मिलने की मंजूरी दी थी। इस पर हमारी सहमति भी बन चुकी थी। लेकिन, भारत के इरादे सही नहीं हैं। वो कॉन्स्युलर एक्सेस चाहते ही नहीं थे।"

उन्होंने जाधव की बात नहीं सुनी

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) के आदेशों का लगातार उल्लंघन कर रहे पाकिस्तान ने जाधव पर हैरान कर देने वाला झूठ बोला। कुरैशी ने कहा, "हमने दूसरी बार कॉन्सुलर एक्सेस दिया। जाधव से मुलाकात की मंजूरी दी। जाधव भारतीय डिप्लोमैट्स को आवाज देते रहे, लेकिन वे वहां से निकल आए। उन्होंने कुलभूषण से सिर्फ इतना कहा कि बातचीत के लिए माहौल सही नहीं है।"

कुलभूषण से मुलाकात के दौरान इन बातों पर था भारत को ऐतराज

कुलभूषण जाधव से भारतीय अफसरों की मुलाकात बिना रुकावट, बिना शर्त और बिना व्यवधान वाली नहीं थी।

मुलाकात के दौरान पाकिस्तानी अफसर पास ही मौजूद थे और उनका व्यवहार चेतावनीभरा और डरानेवाला था।

कुलभूषण जाधव तनाव में था और यह मुलाकात करने गए अफसर को भी साफ-साफ दिखाई पड़ रहा था।

मुलाकात के लिए जिस तरह की व्यवस्थाएं की गई थीं, उनमें खुलकर बातचीत नहीं की जा सकती थी।

काउंसलर ने कहा कि पाकिस्तान ने जो मुलाकात करवाई उसके कोई मायने और विश्वसनीयता नहीं हैं।

कानूनी प्रतिनिधित्व के लिए कुलभूषण की मंजूरी के लिए उसके दस्तखत लेने से भारतीय अफसर को रोका गया।

जाधव मामला: एक नजर में

पाकिस्तान का दावा है कि कुलभूषण भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के जासूस हैं। भारत उन्हें कारोबारी बताता है। पाकिस्तान कहता है कि जाधव को 2016 में बलूचिस्तान से गिफ्तार किया गया। भारत कहता है कि जाधव को ईरान से अगवा करके लाया गया। 2017 में पाकिस्तानी की फौजी अदालत ने जाधव को फांसी की सजा सुनाई। भारत आईसीजे गया। वहां सजा के अमल पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई। पाकिस्तान से कॉन्सुलर एक्सेस देने को कहा गया।

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