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जिन नए विदेशी छात्रों का पूरा कोर्स ऑनलाइन हो चुका है, उन्हें देश में आने की मंजूरी नहीं दी जाएगी: अमेरिका

जिन नए विदेशी छात्रों का पूरा कोर्स ऑनलाइन हो चुका है, उन्हें देश में आने की मंजूरी नहीं दी जाएगी: अमेरिका
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वॉशिंगटन। अमेरिकी सरकार उन नए विदेशी छात्रों को फिलहाल देश आने की मंजूरी नहीं देगी, जिन्होंने हाल ही में किसी अमेरिकी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया है और जिनकी सभी क्लासेज ऑनलाइन कंडक्ट होनी हैं। यह नया आदेश डोनाल्ड ट्रम्प एडिमिनिस्ट्रेशन के इमीग्रेशन और कस्टम एन्फोर्समेंट डिपार्टमेंट (आईसीई) ने जारी किया है।

क्या है आदेश में

शुक्रवार रात जारी आईसीई के बयान में कहा गया- जिन स्टूडेंट्स ने 9 मार्च 2020 के बाद एडमिशन लिया है, वे अगले आदेश तक अमेरिका नहीं आ सकेंगे। ये नॉन इमिग्रेंट स्टूडेंट्स हैं, जिनके सेमेस्टर की पूरी पढ़ाई ऑनलाइन है। इसके लिए एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स को एक नया फॉर्म आई-20 जारी करना होगा। इसके जरिए नॉन-इमिग्रेंट स्टूडेंट्स का एलिजिबिलिटी स्टेटस चेक किया जा सकेगा।

गाइडेंस पहले ही जारी किया गया था

स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर प्रोग्राम के तहत 9 मार्च को गाइडेंस जारी किए गए थे। आईसीई से कहा गया है कि वो सभी विदेशी छात्रों से इसका पालन कराए। इसमें कहा गया है कि एजुकेशनल इंस्टीट्यूट डिस्टेंस लर्निंग को बढ़ावा दें। दूसरे शब्दों में कहें तो यह आदेश फिलहाल, ऑनलाइन क्लासेज को बढ़ावा देने के लिए जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि कोरनावायरस महामारी के चलते यह आदेश जारी किया जा रहा है।

पहले हुआ था विवाद

दो हफ्ते पहले आईसीई ने ऐसा ही एक आदेश जारी किया था। इसमें विदेशी छात्रों के अमेरिका आने पर रोक के साथ उन स्टूडेंट्स को देश छोड़ने को कहा गया था, जिनकी क्लासेज ऑनलाइन हैं। विदेशी छात्रों के साथ ही अमेरिका के एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स ने भी इस पर सवाल उठाए थे। बाद में इसमें बदलाव किए गए थे।

दोहरा रवैया

ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन का विदेशी छात्रों को लेकर यह रवैया चौंकाने वाला है। दरअसल, प्रशासन चाहता है कि महामारी के बावजूद अब स्कूल खोले जाएं। जबकि, मामले बढ़ रहे हैं। 50 में से 18 राज्यों और करीब 200 यूनिवर्सिटीज ने इसका विरोध किया है।

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