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बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने कहा- पाकिस्तान की हैवानियत कभी नहीं भूल सकते

बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने कहा- पाकिस्तान की हैवानियत कभी नहीं भूल सकते
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इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान और बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना की बातचीत के पांचवे दिन दोनों देशों का रिएक्शन आया। पाकिस्तान ने दावा किया था कि दोनों नेताओं ने कश्मीर पर भी बातचीत की थी। बांग्लादेश ने इसे खारिज करते हुए कहा- कोरोना और बाढ़ पर चर्चा हुई। बांग्लादेश के विदेश मंत्री अब्दुल मोमिन ने इसे सिर्फ कर्टसी कॉल यानी सौजन्य बातचीत बताया। कहा- बांग्लादेश कभी पाकिस्तान की हैवानियत नहीं भूल सकता। उसने हमारे तीस लाख लोगों को मौत के घाट उतारा था। हजारों महिलाओं से रेप किया गया था। उसने कभी माफी भी नहीं मांगी।

भारत में इस बातचीत की चर्चा थी

आमतौर पर बांग्लादेश और पाकिस्तान के राष्ट्राध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ही मिलते हैं। दोनों देशों के रिश्ते अच्छे नहीं हैं। इसलिए, इमरान का बांग्लादेश की पीएम को फोन करना भारत में सामान्य कूटनीतिक दायरे में नहीं देखा गया। कुछ लोग इसमें चीन का दखल देख रहे थे। कहा जा रहा है कि चीन के कहने पर यह बातचीत हुई।

दावा और हकीकत

पाकिस्तान ने दावा किया कि बातचीत के दौरान कश्मीर का जिक्र भी हुआ। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने इसे फौरन खारिज कर दिया। कहा- दोनों नेताओं के बीच सिर्फ कोविड-19 और बाढ़ के हालात पर चर्चा हुई।

बांग्लादेश के विदेश मंत्री का तल्ख बयान

पाकिस्तान से आ रही मीडिया रिपोर्ट्स और वहां की फॉरेन मिनिस्ट्री के बयान पर बांग्लादेश के विदेश मंत्री अब्दुल मोमिन ने तीखी प्रतिक्रिया दी। कहा, "फोन इमरान की तरफ से आया था। कोविडि-19 और बाढ़ के हालात पर ही बातचीत हुई। यह सामान्य बातचीत थी। इससे ज्यादा कुछ नहीं। अच्छी बात है अगर पाकिस्तान हमसे रिश्ते सुधारना चाहता है।"

पाकिस्तान ने अब तक माफी नहीं मांगी

मोमिन ने आगे कहा, "पाकिस्तान ने 1971 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हमारे 30 लाख लोगों की हत्या की। हजारों महिलाओं के साथ रेप किया। बांग्लादेश इसे कभी नहीं भूल सकता। पाकिस्तान ने अब तक इस हैवानियत के लिए माफी नहीं मांगी। इस तरह की बातचीत का कोई और मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।"

क्या चाहता है पाकिस्तान

इस्लामाबाद चाहता है कि ढाका से रिश्ते सुधरें। लेकिन, यह बहुत मुश्किल है। बांग्लादेश में कई ऐसे लोगों को सजा-ए-मौत दी जा चुकी है और दी जा रही है जिन्होंने 1971 में पाकिस्तान का साथ दिया था। पाकिस्तान इसका विरोध करता है। बांग्लादेश सरकार का आरोप है कि पाकिस्तान उनके अंदरूनी मामलों में दखलंदाजी की साजिशें रचता है।

टेबल पर नहीं मिली आजादी

बांग्लादेश के शिपिंग मिनिस्टर खालिद महमूद चौधरी ने कहा- हसीना ने इमरान से बातचीत सिर्फ इसलिए की क्योंकि दोनों सार्क देश हैं। दक्षिण एशिया के मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। लेकिन, दोनों देशों के बीच काफी मतभेद हैं। उन्हें सुलझाना होगा। किसी को यह नहीं भूलना चाहिए कि हमें आजादी खूनी जंग के बाद मिली है। यह टेबल पर हुई बातचीत का नतीजा नहीं है।

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