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सऊदी अरब को लेकर चीन की साजिश में फंस गया पाकिस्तान, भारत को गया फायदा

सऊदी अरब को लेकर चीन की साजिश में फंस गया पाकिस्तान, भारत को गया फायदा
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नई दिल्ली। पाकिस्तान एक बार फिर अपने खास दोस्त चीन की साजिश में फंसकर अपना नुकसान कर बैठा है। चीन और अमेरिका के बीच जारी कूटनीतिक जंग ने जहां पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच दूरियां बढ़ा दी हैं, वहीं भारत को इसका फायदा हुआ और सऊदी के साथ उशके द्विपक्षीय संबंध और मजबूत हो गए हैं। विवाद की शुरुआत इस्लामिक देशों में चीन की साजिश से शुरू हुई। इस्लामिक देशों में प्रभाव बढ़ाने के लिए चीन ने पहले सऊदी अरब को निशाना बनाने की कोशिश की। सफलता न मिलने उसके प्रतिद्वंद्वी ईरान से हाथ मिलाया। फिर मलयेशिया और पाकिस्तान की सहायता से इस्लामिक देशों में सऊदी अरब का दबदबा खत्म करने की कोशिश की।

भारत के खिलाफ रची थी ये साजिश

कूटनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो तुर्की भी पाकिस्तान के मिलकर सऊदी अरब से OIC प्रमुख का दर्जा छीनने की कोशिश कर रहा है । मामला तब बिगड़ा जब सऊदी अरब का प्रभुत्व कम करने और उसकी जगह पाकिस्तान और मलयेशिया को खड़ा करने की रणनीति के तहत इसी साथ चीन ने परोक्ष रूप से मलयेशिया में एक बड़ा इस्लामिक सम्मेलन कराया। इसमें सऊदी अरब की भागीदारी नहीं थी, जबकि पाकिस्तान और मलयेशिया मुख्य भूमिका में थे। इसके अलावा चीन ने ईरान से कई अहम समझौते किए। दरअसल चीन की योजना अनुच्छेद 370 के सवाल पर इस्लामिक देशों में भारत को अलग-थलग करने की थी। उसकी इस योजना को तब सफलता मिली जब इसी साल जून के महीने में OIC के कांट्रेक्ट समूह ने जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों की स्थिति पर चिंता जाहिर की।

सऊदी अरब का पाकिस्तान, मलयेशिया और चीन के प्रति रुख बेहद सख्त

इसी बीच सऊदी अरब को चीन की चाल की भनक लगते ही सऊदी अरब का पाकिस्तान, मलयेशिया और चीन के प्रति रुख बेहद सख्त हो गया। पाकिस्तान की कोशिश OIc के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के जरिए कश्मीर मुद्दे पर भारत को घेरने की थी। पाक बीते ढाई महीने से बैठक बुलाने के लिए सऊदी अरब पर दबाव डाल रहा है। विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इस संदर्भ में सऊदी अरब को ओआईसी के अन्य सदस्य देशों की बैठक बुलाने की धमकी भी दी। हालांकि उसका यह दांव उल्टा पड़ा। नाराज सऊदी अरब ने न सिर्फ पाकिस्तान को 3.2 अरब डॉलर का कर्ज चुकाने का फरमान सुनाया, बल्कि उसे तेल की आपूर्ति भी बंद कर दी।

सऊदी से बड़ी डील की तैयारी में भारत

भारत इस स्थिति का कूटनीतिक लाभ उठाने की तैयारी में है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि सितंबर महीने में भारत सऊदी अरब से तेल आयात सहित कई अन्य क्षेत्रों में बड़ा करार करेगा। चूंकि ओआईसी में सऊदी अरब का दबदबा है। ऐसे में सऊदी अरब सहित कई अन्य इस्लामिक देशों से भी भारत की नजदीकियां बढ़ेगी।

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