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चीन ने फिर दिखाई चालाकी, एक महीने से कर रहा कोरोना वैक्सीन का इस्तेमाल

चीन ने फिर दिखाई चालाकी, एक महीने से कर रहा कोरोना वैक्सीन का इस्तेमाल
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नई दिल्ली। दुनिया को कोरोना वायरस का घातक तोहफा बांटने वाला चीन अब वैक्सीन को लेकर भी चालाकियों पर उतर आया है। कोरोना फैलने की जानकारी दुनिया को देरी से देने वाला चीन वैक्सीन का इस्तेमाल भी चुपचाप कर चुका है। चीन में पिछले एक महीने से कोरोना वैक्सीन का इस्तेमाल शुरू हो चुका है। चीन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चीन में चिकित्सा कर्मियों और सीमा निरीक्षक अधिकारियों को एक महीने से अधिक समय से कोरोना का टीका लगाया जा रहा है। सरकारी प्रसारक सीसीटीवी को दिए एक इंटरव्यू में नेशनल हेल्थ कमिशन के साइंस एंड टेक्नॉलजी डिवेलपमेंट सेंटर के डायरेक्टर झेंग झोंगवेई ने कहा कि सरकार ने 22 जुलाई को कोरोना वैक्सीन के 'आपातकालीन इस्तेमाल' को मंजूरी दी थी।

चीनी टीका प्रबंधन कानून आपात इस्तेमाल के तहत गैर-मंजूर टीके को उन लोगों पर उपयोग करने की अनुमति देता है जिनके एक निश्चित अवधि में संक्रमित होने का अधिक खतरा है। शंघाई के प्रतिरक्षा विज्ञानी ताओ लीना ने कहा कि समूचे चीन में फौरी आधार पर टीकाकरण किए जाने वाले लोगों की संख्या लाखों में हो सकती है। उन्होंने कहा, ''लेकिन सटीक आंकड़े दे पाना मुश्किल है क्योंकि चीनी सेना ने जन टीकाकरण शुरू किया है, लेकिन ब्योरा नहीं दिया है।"हालांकि, अधिकारी यह नहीं बताया है कि एक ही कोरोना टीके का इस्तेमाल शुरू हुआ है या एक से अधिक का। चीन में 7 कोरोना वैक्सीन पर काम चल रहा है, जिनमें से चार अंतिम फेज की टेस्टिंग में शामिल हैं।

चीन के कोरोना वायरस टीका विकास कार्य बल के प्रमुख झेंग झोंगवेई ने कहा, ''हमने कई योजना पैकेज बनाए हैं जिनमें मेडिकल सहमति फॉर्म, निगरानी योजना के दुष्प्रभाव, बचाव योजना, मुआवजा योजना शामिल हैं। इनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपात उपयोग का भलीभांति नियमन हो और इसकी निगरानी हो।"उन्होंने कहा कि कोविड-19 टीकों के तत्काल उपयोग को 22 जुलाई को आधिकारिक रूप से पेश किए जाने के बाद एक महीना गुजरा चुका है, जबकि टीकों का क्लीनिकल परीक्षण जारी है। तब से टीके की पहली खुराक पाने वाले मरीजों ने यह खुलासा किया है कि उनमें कुछ प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिले हैं और किसी ने भी बुखार आने की बात नहीं कही है।

टीका प्रबंधन पर चीनी कानून के मुताबिक जब कोई गंभीर जन स्वास्थ्य आपात स्थिति पैदा होती है तो क्लीनिकल परीक्षणों के दौर से गुजर रहे टीकों का उपयोग सीमित दायरे में मेडिकल एवं महामारी रोकथाम कर्मियों, सीमा अधिकारियों और शहर में महामारी के खिलाफ अभियान से जुड़े अन्य लोगों की जान बचाने के लिए किया जा सकता है।

फौरी उपयोग के लिए घरेलू टीका विकसित करने वाली कंपनी सिनोफार्म ने पेरू, मोरक्को और अर्जेंटीना में टीके के तीसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण के लिए बृहस्पतिवार (20 अगस्त) और शुक्रवार (21 अगस्त) को सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए। झेंग ने इस बात का जिक्र किया कि इन सर्दियों के मौसम में महामारी को और फैलने से रोकने के लिए टीके की उपलब्धता उन लोगों को सुनिश्चित की जाएगी जो भोजन सामग्री बाजार, परिवहन प्रणाली और सेवा क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

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