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जापान में नए प्रधानमंत्री की रेस में फुमियो किशिदा और इशिबा के नाम सबसे आगे

जापान में नए प्रधानमंत्री की रेस में फुमियो किशिदा और इशिबा के नाम सबसे आगे
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टोक्यो। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के इस्तीफे के बाद नए पीएम को लेकर कयास जारी है। इस रेस में देश की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के पॉलिसी चीफ फुमियो किशिदा और पूर्व रक्षा मंत्री शिगेरु इशिबा के नाम सबसे आगे हैं। दोनों ही नेताओं ने शिंजो के पद छोड़ने के तुरंत बाद यह पद संभालने की अपनी इच्छा जाहिर कर दी थी। इसके साथ ही चीफ कैबिनेट सेक्रेटरी योशिहिडे सुगा ने भी प्रधानमंत्री बनने की कोशिशें तेज कर दी है।

आबे ने इस्तीफा देते वक्त अगले प्रधानमंत्री के नाम पर कुछ भी नहीं कहा था। उन्होंने अपनी पार्टी एलडीपी से अपील की थी कि वह जल्द नया प्रधानमंत्री चुने। स्थानीय मीडिया के मुताबिक,आबे ने एलडीपी के सेक्रेटरी जनरल और सांसद तोशिहिरो निकाइ को नया प्रधानमंत्री चुनने से जुड़े कामों को पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

एलडीपी में दो तरीके से चुने जा सकते हैं प्रधानमंत्री

एलडीपी में प्रधानमंत्री इलेक्शन के जरिए चुना जाता है। इसमें एक तरीका यह है कि पार्टी के कम से कम 20 उम्मीदवारों की लिस्ट तैयार की जाती है। इसके बाद कम से कम 12 दिन के प्रचार के बाद पार्टी के डाइट मेम्बर्स( संसद के दोनों सदनों के सदस्य) वोट करते हैं। जिस मेम्बर को 788 वोटों में से सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं वो जीतता है और उसे प्रधानमंत्री बनाया जाता है। अभी महामारी फैली हुई है, ऐसे में सभी मेम्बर्स को मेल से बैलट भेजे जाने और वोटिंग से जुड़े कामों को पूरा करने में ज्यादा समय लग सकता है।

दूसरा तरीका ऐसा है जो इमरजेंसी के दौरान अपनाया जाता है। इसमें डाइट मेम्बर्स और देश के सभी 47 राज्यों के तीन सांसदों की मदद से वोटिंग कराई जाती है। इसमें 788 सांसदों के बदले सिर्फ 535 सदस्य ही वोटिंग करते हैं। इस तरीके से वोटिंग करने में कम समय लगेगा। ऐसी खबरें हैं कि मौजूदा हालातों को देखते हुए इसी तरीके से वोटिंग होगी। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, एलडीपी के सेक्रेटरी जनरल और तोशिहिरो निकाइ 15 सितंबर को वोटिंग करवा सकते हैं।

पूर्व रक्षा मंत्री शिगेरु इशिबा शिंजो आबे के आलोचक रहे हैं

प्रधानमंत्री पद की दावेदारी के लिए सामने आए पूर्व रक्षा मंत्री शिगेरु इशिबा शिंजो आबे के आलोचक रहे हैं। 63 साल के इशिबा एक अच्छे वक्ता माने जाते हैं। उन्होंने 2018 में प्रधानमंत्री चुने जाने के दौरान आबे को चुनौती दी थी, लेकिन सांसदों का समर्थन जुटाने में नाकाम रहे थे। वे शिंजो आबे से 4 गुना से भी कम वोट हासिल कर पाए थे। फिलहाल उनके पास 19 सांसदों का समर्थन होने की बात कही जा रही है। हालांकि, पब्लिक ओपिनियन में शिंजो के बाद इशिबा अगले पीएम के तौर पर सबसे बेहतर व्यक्ति माने जा रहे हैं।

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