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चीन ने नेपाल की जमीन पर किया कब्जा, विपक्षी नेता ने सबूतों के साथ खोली पोल

चीन ने नेपाल की जमीन पर किया कब्जा, विपक्षी नेता ने सबूतों के साथ खोली पोल
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नई दिल्ली। नेपाली प्रधानमंत्री के.पी.ओली की दोस्ती की आड़ में चीन नेपाल की जमीन पर कब्जा करने में लगा हुआ है। चीन की करतूतों की पोल विपक्षी दलों ने सबूतों सहित खोली है। विपक्षी दलों का आरोप है कि चीन ने हुम्ला में नेपाली जमीन पर कब्जा जमा लिया है मगर सरकार यह हकीकत को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। चीन ने जमीन पर कब्जा करने के साथ ही इमारतों का निर्माण भी शुरू कर दिया है और चीनी सैनिकों की ओर से सीमांत इलाके में रहने वाले लोगों को परेशान भी किया जा रहा है। खाने से लदे ट्रकों को चीनी सैनिक रोकने में जुटे हुए हैं जिससे लोगों की जिंदगी और मुश्किल होती जा रही है।

प्रमुख विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जीवन बहादुर शाही कहना है कि चीन ने सीमांत इलाके में रहने वाले लोगों की जिंदगी को नारकीय बना कर रख दिया है। हालांकि ओली सरकार लगातार इन आरोपों से इंकार कर दोस्त को बचाने का प्रयास कर रही है । जीवन बहादुर शाही ने दावा किया है कि उन्हें चीन के अतिक्रमण के पुख्ता सबूत मिले हैं। उन्होंने सीमाई इलाके का दौरा करने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट भी तैयार की है जिसे काठमांडू में पार्टी की केंद्रीय समिति के पास भेजा जाएगा। नेपाल में चीनी घुसपैठ को लेकर उठ रहे विरोध के स्वरों को विपक्षी दल ओली सरकार के खिलाफ इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं।

जीवन बहादुर शाही ने कहा कि हुमला मेरा गृहजिला है। वह यहां की जमीन पर अतिक्रमण के बारे में विस्तृत जानकारी रखते हैं। शाही ने सरकार को सूचित किया था कि चीन ने नेपाल की भूमि पर अतिक्रमण किया है और यहां तक कि पिलर 12 पर हमारी सीमा रेखा पार करने वाली संरचनाओं का निर्माण भी शुरू कर दिया है। हालांकि सरकार ने इससे इंकार किया है। उन्होंने कहा कि हमने अपनी सड़क का निर्माण कुछ किलोमीटर आगे किया था जहां चीन ने इन संरचनाओं (बिल्डिंग्स) का निर्माण किया है। कुछ सरकारी अधिकारियों ने भी इस क्षेत्र का दौरा कर चीन के घुसपैठ की रिपोर्ट तैयार की थी। लेकिन सरकार चीन के घुसपैठ की बात को मानने को राजी नहीं है।

उन्होंने कहा कि यहां के लोग बड़ी कठिनाई में अपने जीवन का निर्वाह कर रहे हैं। अतिक्रमण के बारे में खुलकर बोलने पर चीन ने हुमला के लोगों के लिए भोजन की आपूर्ति से लदे ट्रकों को रोक दिया है। अंतररराष्ट्रीय ट्रांजिट कानून के अनुसार, कोई भी सरकार खाने के ट्रांजिट रूट को बंद नहीं कर सकती है। उन्होंने कहा कि जिस टेलीफोन टावर को मैंने इस क्षेत्र में स्थापित करने का प्रयास किया था, वह अब चीन द्वारा बाधित किया जा रहा है। स्थानीय लोगों को चीनी सिग्नल और चीनी टॉवर का उपयोग करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। जूंग पिलर 12 का निर्माण हाल ही में चीन द्वारा निर्मित किया गया है। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि उनसे इस तरह के मुद्दों के बारे में सलाह नहीं ली गई है। उन्होंने कहा कि मैं अतिक्रमण का सबूत लाया हूं। जरूरत पड़ने पर मैं आपको सबूत भी दे सकता हूं।

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