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पाकिस्तान में चीन की मदद से चली पहली मेट्रो ट्रेन, उद्धाटन समारोह को लेकर भिड़े सरकार-विपक्ष

पाकिस्तान में चीन की मदद से चली पहली मेट्रो ट्रेन, उद्धाटन समारोह को लेकर भिड़े सरकार-विपक्ष
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इस्लामाबाद। पाकिस्तान को चीन की मदद से आखिर अपनी पहली मेट्रो लाइन मिल ही गई। पाक पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर में देश की पहली मेट्रो लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो गई है। पाकिस्तान की इस पहली इंटरसिटी बुलेट ट्रेन सेवा ऑरेंज लाइन मेट्रो ट्रेन (OLMT) का उद्घाटन फुल पाकिस्तानी अंदाज में हुआ। लाहौर मेट्रो के उद्धाटन के लिए इमरान खान सरकार और विपक्ष भिड़ गए और दोनों के नेताओं ने अलग-अलग फीता काटा।

इमरान सरकार ने दावा किया कि उसने इस प्रोजक्ट को बनाया है, इसलिए इसके उद्धाटन का श्रेय उन्हें जाता है। जबकि, विपक्ष का आरोप था कि उनकी पार्टी की सरकार के दौरान इस प्रोजक्ट की आधारशिला रखी गई थी, इसलिए वे उद्धाटन करने के हकदार हैं। उद्धाटन समारोह को लेकर भिड़े सरकार-विपक्ष विपक्षी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज (पीएमएल-एन) ने लाहौर के अनारकली स्टेशन पर पहला उद्घाटन समारोह किया, जहां रिबन काटने की रस्म को देखने के लिए बड़ी संख्या में पार्टी के सदस्य और समर्थक मौजूद रहे।

दूसरी ओर, पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार ने भी एक अलग समारोह में परियोजना का उद्घाटन किया, क्योंकि दोनों पार्टियों ने परियोजना के स्वामित्व का दावा किया है। पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑरेंज लाइन मेट्रो ट्रेन (OLMT) पाकिस्तान-चीन दोस्ती की परिणाम है, जो चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के साथ शुरू हुई थी। यह CPEC के तहत पहली परिवहन परियोजना है और लाहौर के लोगों के लिए एक उपहार है। पंजाब सरकार संयुक्त उद्यम के साथ हो सकने वाली सभी विकास परियोजना का स्वागत करती है।

सरकार ने थपथपाई अपनी पीठ

एक तरफ जहां सत्तारूढ़ प्रांतीय सरकार के नेतृत्व वाले समारोह ने OLMT के सफल समापन के लिए अपनी पीथ थपथपाई, वहीं दूसरी ओर विपक्षी पार्टी PML-N ने दावा किया कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ OLMT परियोजना के संस्थापक थे। पूर्व रेल मंत्री और पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता ख्वाजा साद रफीक ने ओएलएमटी के पूरा होने में देरी पर सत्तारूढ़ सरकार से सवाल किया। उन्होंने कहा कि इससे देश को अरबों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है।

उधर, पीएमएल-एन नेता अताउल्लाह तरार ने दावा करते हुए कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने शहबाज शरीफ को इसका उद्घाटन करने से रोकने के लिए जानबूझकर स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) लिया है। संघीय सरकार ने भी विपक्ष के दावों का जवाब देने में देरी नहीं की। सूचना और प्रसारण मामलों के संघीय मंत्री ने कहा कि सीपीईसी पाकिस्तान के लोगों की परियोजना है, न कि किसी विशिष्ट पार्टी की।

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