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पाकिस्तान में हिंदू विवाह अधिनियम का मसौदा खैबर पख्तूनख्वा कार्यालय से गायब

पाकिस्तान में हिंदू विवाह अधिनियम का मसौदा खैबर पख्तूनख्वा कार्यालय से गायब
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पेशावर। पाकिस्तान में अभी तक अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों को गायब कर जबरन धर्म परिवर्तन कराने की खबरें लगातार आती रही हैं। इस बीच अब पाकिस्तान के प्रांतीय कार्यालय से प्रस्तावित कानून का मसौदा ही गायब हो गया है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांतीय कार्यालय से हिंदू विवाह अधिनियम के लिए तैयार किया गया मसौदा गायब हो गया है। आधिकारिक सूत्रों से सोमवार को यह जानकारी मिली।

हिंदू विवाह कानून के प्रस्तावित नियमों की मसौदा प्रति खैबर पख्तूनख्वा प्रांत सरकार के स्थानीय आयुक्तालय कार्यालय से गायब हो गई है। इस कानून को वर्ष 2017 में पाकिस्तान की सरकार ने पारित किया था। प्रस्तावित नियमों की एक प्रति प्रांतीय सचिवालय ने स्थानीय सरकार के आयुक्तालय के पास उनकी सहमति के लिए भेजी थी।

ऐसे मिली प्रति गायब होने की जानकारी

अधिकारियों ने बताया कि मामला तब प्रकाश में आया, जब आयुक्तालय ने सचिवालय के रिमाइंडर पत्र का जवाब देते हुए सूचित किया कि उन्हें प्रस्तावित नियमों की प्रति नहीं मिली है। सचिवालय के अधिकारियों ने कहा कि फाइल का डायरी नंबर और अन्य आंकड़े आयुक्तालय को मुहैया कराए गए और निर्देश दिया गया कि वे फाइल को अपने यहां ढूंढें।

पाकिस्तान की सरकार ने वर्ष 2017 में ऐतिहासिक हिंदू विवाह कानून को पारित किया था ताकि देश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की शादी को विनियमित किया जा सके। विधेयक इसलिए पारित किया गया था कि हिंदू महिलाओं को अपनी शादी के दस्तावेजी सबूत मिल सकें। पाकिस्तानी हिंदुओं के लिए यह पहला निजी कानून है, जो पंजाब, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों पर लागू होता है।

सिंध में पहले से लागू है यह कानून

सिंध प्रांत पहले ही अपना हिंदू विवाह कानून बना चुका है। हालांकि, प्रांतीय सरकारों को इस कानून के लिए नियमों का मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। बता दें कि पाकिस्तान में करीब 38 लाख हिंदू हैं, जो आबादी का करीब दो फीसदी है।

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