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गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनावः मतगणना में इमरान की पार्टी आगे, विपक्ष ने लगाया धांधली का आरोप

गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनावः मतगणना में इमरान की पार्टी आगे, विपक्ष ने लगाया धांधली का आरोप
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इस्लामाबाद। भारत के एतराज के बावजूद पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले विवादास्‍पद गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव सम्पन्न हो गए। लोगों ने कड़ी सुरक्षा के बीच तीसरे विधानसभा चुनावों में हिस्सा लिया। इस दौरान कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए लोग मास्क लगाए और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते दिखे।

भारत ने इन चुनाव के फैसले को लेकर पाकिस्तान की निंदा करते हुए कहा है कि सैन्य कब्जे वाले क्षेत्र की स्थिति को बदलने के लिए की गई किसी भी कार्रवाई का कोई कानूनी आधार नहीं है। मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ और शाम पांच बजे शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।चुनाव के बाद वोटों के गिनती की प्रक्रिया शुरू हो गई है और ताजा रुझानों में इमरान खान की पार्टी आगे चल रही है।

वोटों की गिनती शुरू हो गई है और पूरा परिणाम कल तक आ सकता है। गिलगित-बाल्टिस्‍तान के अनाधिकारिक चुनाव परिणाम के मुताबिक इमरान खान की पार्टी पीटीआई जीत की ओर बढ़ रही है। शुरुआती रुझानों में यहां किसी राजनीतिक पार्टी को पूर्ण बहुमत को मिलता नहीं दिख रहा है। हालांकि, इस चुनाव में पाकिस्‍तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) चुनाव में गिलगित बाल्टिस्‍तान के 24 सीटों में से आठ सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। छह निर्वाचन क्षेत्रों में निर्दलीय प्रत्‍याशियों ने अपनी बढ़त बनाए हुए है। पाकिस्तानी मुस्लिम लीग (नवाज) (पीएमएल-एन) दो निर्वाचन क्षेत्रों में बढ़त बनाए हुए है। जमीयत उलेमा-ए इस्लाम (एफ) (JUI-F) एक निर्वाचन क्षेत्र में आगे चल रही है। इस बीच विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान धांधली हुई और अनियमितता बरती गई।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने सितंबर में एक डिजिटल प्रेस ब्रीफिंग में कहा था, "सैन्य कब्जे वाले तथाकथित 'गिलगित-बाल्टिस्तान' में स्थिति को बदलने के लिएये पाकिस्तान द्वारा की गई किसी भी कार्रवाई का कोई कानूनी आधार नहीं है और यह शुरू से ही अमान्य है।" श्रीवास्तव ने कहा था, "हमारी स्थिति स्पष्ट व सतत है। जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के तहत आने वाला समस्त क्षेत्र भारत का अभिन्न अंग रहा है तथा आगे भी रहेगा।"

चुनाव के बारे में खास बातें

यहां 24 सीटों पर चुनाव होना था लेकिन एक सीट पर मतदान स्थगित होने के चलते अब 23 सीटों पर चुनाव हो रहा है।

इन सीटों पर चार महिलाओं समेत कुल 330 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

2010 में राजनीतिक सुधारों के लागू होने के बाद यहां विधानसभा का यह तीसरा चुनाव है।

कुल 1141 मतदान केंद्रों में से 577 को संवेदनशील व 297 को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है।

गिलगित-बाल्टिस्तान, पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा, सिंध और बलूचिस्तान से 15 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को मतदान केंद्रों पर तैनात किया गया है। हालांकि सैन्य कर्मियों की तैनाती नहीं हुई है।

यहां पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन), पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के बीच कड़े त्रिकोणीय मुकाबले का अनुमान है।

परंपरागत रूप से, केंद्र में सत्ताधारी दल गिलगित- बाल्टिस्तान में चुनाव जीतता है।

पीपीपी ने 23 उम्मीदवार उतारे हैं जबकि पीएमएल-एन ने 21 प्रत्याशी खड़े किये हैं।

पीटीआई ने दो सीटों पर स्थानीय दलों के साथ तालमेल किया है और शेष सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। क्षेत्र में शिया मुसलमानों की खासी आबादी है।

विपक्षी दलों ने लगाया धांधली का आरोप

पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी PTI और विपक्षी दलों के बीच करो या मरो की लड़ाई बन चुके इस चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगा है। विपक्षी दलों पाकिस्‍तान पीपुल्‍स पार्टी और पाकिस्‍तान मुस्लिम लीग नवाज ने इमरान की पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाया है।

बता दें कि विरोध के बावजूद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने गिलगित-बाल्टिस्तान की स्थिति को बदलने के लिए अस्थायी-प्रांतीय दर्जा देने की घोषणा की थी। इमरान सरकार के इस फैसेले के विरोध में गिलगित-बाल्टिस्तान में खुब विरोध हुआ। यहां के लोगों का कहना है कि वे अपने क्षेत्र में पाकिस्तान की भागीदारी को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। इसका असर मतदान में भी द‍िखा। किसी भी राजनीतिक दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला। उधर, पाकिस्तान पीपल्स पार्टी ने एक बार फ‍िर मांग की है कि सत्तारूढ़ पीटीआई के उम्मीदवारों को चुनाव में धांधली के आरोप में अयोग्य घोषित किया जाए।

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